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UP: ताजमहल को बता दिया वक्फ बोर्ड की संपत्ति, योगी यूथ ब्रिगेड ने दाखिल की आपत्ति; अब 23 अक्तूबर को सुनवाई

Mon, 07 Oct 2024 03:45 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

ताजमहल या तेजोमहालय केस में सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की अर्जी पर वादी कुंवर अजय तोमर के अधिवक्ता ने कोर्ट में आपत्ति दाखिल की है। अदालत में इस मामले में अब अगली सुनवाई 23 अक्तूबर को होगी। 

 
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के ताजमहल या तेजोमहालय विवाद में नया मोड़ आ गया है। सावन के महीने में जलाभिषेक और अन्य हिंदू त्योहारों पर ताज पर पूजा अर्चना की मांग को लेकर योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर की ओर से दायर वाद में सोमवार को लघुवाद न्यायालय में न्यायाधीश मृत्युंजय श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई हुई। 
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वादी कुंवर अजय तोमर के अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर ने आपत्ति दाखिल की, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 23 अक्तूबर नियत की है। पिछली सुनवाई 24 सितंबर को हुई थी, जिसमें मुस्लिम समुदाय से सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी ने केस में पक्षकार बनने के लिए अर्जी दी थी। सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी ने अपनी अर्जी में ताजमहल को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताया है, साथ ही वादी कुंवर अजय तोमर पर एएसआई और भारतीय संघ से मिलीभगत का आरोप लगाया है जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई।
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वादी कुंवर अजय तोमर के अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर ने लिखित आपत्ति दाखिल करते हुए कहा कि सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी का ताजमहल से कोई लेना-देना नहीं है और ना हीं वह उनकी स्वयं की संपत्ति है। इसलिए वह पक्षकार नहीं बन सकते हैं। सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी टीआरपी पाने के लिए मनगढ़ंत कहानी गढ़ रहे हैं। 

 

वादी कुंवर अजय तोमर ने बताया कि ताजमहल तेजोमहालय है, जो शिव मंदिर है और करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। वर्तमान में भारत सरकार की संपत्ति है न कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। कुंवर अजय तोमर ने कहा कि सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी का ताजमहल से कोई लेना-देना नहीं है, तो उन्हें पक्षकार बनने का कोई अधिकार ही नहीं है।

 

सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी सबसे पहले तो इस बात के साक्ष्य दें की क्या वह शाहजहां या मुमताज के वंशज हैं। उनकी कौन सी पीढ़ी में आते हैं। अजय तोमर ने कहा कि इनके पास न तो ताजमहल के कोई साक्ष्य हैं और न वक्फ बोर्ड की जमीन होने के कोई साक्ष्य हैं। यह न्यायालय को गुमराह कर रहे हैं। देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं जो की निंदनीय है। वक्फ बोर्ड के जरिए किसी भी जमीन पर हक जताना अब नहीं चलेगा। 
 
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बता दें कि योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए 23 जुलाई को सावन के महीने में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक एवं अन्य हिंदू त्योहारों पर पूजा अर्चना की मांग को लेकर अपने अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर एवं झम्मन सिंह रघुवंशी के द्वारा वाद दाखिल किया था, जिसमें प्रतिवादी एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल को बनाया गया था। अब इसमें यूनियन ऑफ़ इंडिया (भारतीय संघ) भी प्रतिवादी बनाया गया है।
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