नन्ही परी और दिल में छेद। आपरेशन को पैसा नहीं। बेटी का चेहरा देख दिल डूबता। सभी जगह से ना सुनी तो उम्मीद भी टूटने लगी। इतना कहते ही अब्दुल खालिद भावुक हो गए। आंसुआें को छिपाते हुए बोले, गरीब की पुकार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल...कहने को कुछ भी अल्फाज नहीं, बस इतना कि अल्लाह के नेक बंदे हैं नरेंद्र मोदी।
मंटोला के जूता कारीगर खालिद बमुश्किल तीन हजार रुपये ही कमा पाते हैं। इसी बूते चार बच्चों समेत छह लोगों का जीवनयापन है। नौ साल की तैयबा के दिल में जन्मजात छेद होने पर मुश्किल और खड़ी हो गई। तमाम कोशिशाें के बावजूद आपरेशन के लिए धन नहीं जुटा। आखिरकार तैयबा ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और कुछ दिन बाद ही उनके कार्यालय (पीएमओ) से जवाब भी आ गया। लिखा था, सरकार दिल्ली के जीबी पंत हास्पिटल में उसका आपरेशन कराने का जिम्मा लेती है। प्रधानमंत्री की इस मदद से परिवार ने राहत की सांस ली। खालिद ही नहीं पूरा मोहल्ला प्रधानमंत्री की दरियादिली की दिल खोलकर तारीफ कर रहा है।
विकास मंच ने भी बना मददगार
आगरा विकास मंच ने भी पीड़ित की मदद को हाथ बढ़ाए हैं। हास्पिटल में आपरेशन के अलावा जो भी खर्चे होंगे वह मंच उठाएगा। विकास मंच अध्यक्ष अशोक जैन सीए ने बताया कि इससे पहले भी पीड़ितों की मदद की जाती रही है। हास्पिटल आने-जाने और उसके रहने आदि का खर्च संस्था वहन करेगी। बुधवार को यह राशि भी तैयबा को उसके परिवार की उपस्थिति में दी गई।