मैनपुरी। जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियनों के संक्रमित होने से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे मरीजों की समय से जांच नहीं हो पा रही हैं। सात ही ब्लड बैंक का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
जिला अस्पताल में कार्यरत चार लैब टेक्नीशियन पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित हो गए हैं। यहां आने वाले लोगों की जांच के लिए ब्लड बैंक के दो लैब टेक्नीशियन की मदद ली जा रही है। हालांकि रात के समय अस्पताल आने वाले मरीजों की कोरोना जांच के लिए अभी भी लैब टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं है। इससे रात में आने वाले मरीज बिना जांच के ही भर्ती रहते हैं। कई मरीजों की जांच होने से पहले ही मौत हो जाती है।
इमरजेंसी में स्टाफ नर्स कर रहेे जांच
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लैब टेक्नीशियन की तैनाती न होने के कारण यहां आने वाली मरीजों की विषम परिस्थितियों में तैनात स्टाफ नर्स को ही कोरोना जांच करनी पड़ती। स्टाफ नर्स मरीजों को उपचार देता है। उनकी जांच करने से उसका कार्य भी प्रभावित होता है।
रात के समय ब्लड बैंक में लटक जाता है ताला
ब्लड बैंक में तैनात दो लैब टेक्नीशियन को जिला अस्पताल में होने वाली जांच के लिए लगा दिया गया है। एक की तैनाती ट्रूनॉट मशीन पर कर दी गई। आठ मई से ब्लड बैंक के एक अन्य लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी भी जांच के लिए लगाई जा रही है। ऐसी स्थिति में ब्लड बैंक में मात्र तीन लैब टैक्नीशियन ही बचे हैं। इस कारण रात के समय ब्लड बैंक में ताला लटक जाता है।
अस्पताल में तैनात लैब टेक्नीशियनों के कोरोना संक्रमित होने और बीमार पड़ने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। मरीजों की समय से जांच आदि के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लड बैंक में रात के समय ऑनकॉल टेक्नीशियन के उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. अशोक कुमार, प्रभारी सीएमएस