मैनपुरी। भाजपा जिलाध्यक्ष ने वार्ड संख्या 28 में हुई पुनर्मतगणना में गड़बड़ी का आरोप प्रशासन पर लगाया है। उन्होंने कहा कि मैनपुरी में चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने में फेल साबित हुआ है। चुनावी मशीनरी ने भाजपा को चार-पांच सीटें हरा दीं। उन्होंने इस संबंध में एक पोस्ट फेसबुक पर भी की है।
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए वार्ड संख्या 28 में हुई पुनर्मतगणना में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने गड़बड़ी होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सपा समर्थित प्रत्याशी वंदना यादव के पुत्र ने हार स्वीकार करते हुए फेसबुक पर पोस्ट की। उसके बाद रात के अंधेरे में उन्हें प्रमाणपत्र देने का प्रयास किया जा रहा था। मेरे आपत्ति दर्ज कराने पर प्रमाणपत्र देने से रोका गया। पहले प्रशासन एक हजार वोट से जीत बता रहा था, पुर्नमतगणना में 22 वोट से जीत बताकर सपा प्रत्याशी को प्रमाणपत्र दे दिया गया।
उन्होंने कहा कि वंदना यादव की विजय पक्षपातपूर्ण विजय है। उन्होंने कहा कि भाजपा भले ही सत्ता में है, लेकिन मैनपुरी में हम विपक्ष जैसी भूमिका में हैं। सांसद, तीन विधायक सपा के हैं। इसीलिए मैनपुरी में निष्पक्ष चुनाव नहीं हुआ। करहल में सपा एमएलसी ने मतगणना स्थल पर पहुंचकर परिणाम बदलवा दिए। भाजपा को वार्ड 18 सहित चार-पांच सीटें चुनावी मशीनरी ने हरा दी हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने उठाए ये सवाल
- रात में हुई मतगणना के बाद सपा प्रत्याशी वंदना यादव को पांच मई की सुबह चार बजे जीत का प्रमाणपत्र दिया गया, लेकिन प्रमाणपत्र चार मई को निर्गत क्यों किया गया है।
- पहले आरओ सपा प्रत्याशी के एक हजार वोट से जीतने की बात कह रहे थे। पुनर्मतणना में जीत सिर्फ 22 वोटों से क्यों हुई।
- मतगणना के समय सपा प्रत्याशी वंदना यादव के पति सपा विधायक राजकुमार यादव मतगणना केंद्र पर क्यों मौजूद रहे।
- आखिर एक बूथ के मतपत्र गायब कैसे हुए, जो बाद में मिल गए। तहसील स्थित स्ट्रांग रूम तक सपा विधायक क्यों गए।
- मतपत्रों की तलाश में गए एसडीएम और सीओ सहित अन्य अधिकारियों और सदर विधायक की तहसील परिसर में बातचीत क्यों हुई।
जिले में पंचायत चुनाव निष्पक्ष संपन्न हुए हैं। भाजपा सहित कुछ अन्य लोगों की शिकायत पर वार्ड 28 की पुनर्मतगणना पारदर्शी तरीके से कराई गई है। प्रमाणपत्र पर एक दिन पहले की तारीख अंकित होना मानवीय भूल है।
- महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम।
- भाजपा सपा के जीते हुए प्रत्याशी को हराना चाहती थी। वह अपने षड्यंत्र में कायम नहीं ओ सकी, इसलिए बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन ने निष्पक्षता से मतगणना कराकर जनादेश का सम्मान बचा लिया।
- राजकुमार यादव, सपा विधायक