स्वच्छता सर्वेक्षण की प्रक्रिया में आगरा नगर निगम को शौचालय की व्यवस्था ने बड़ा झटका दिया है। जनता के फीडबैक के मामले में नगर निगम को सर्वाधिक 1014 अंक मिले हैं। इस मामले में नगर निगम पहले से ही बढ़त बनाए हुए थे। शुरुआत में टॉप टू शहरों में चल रहा था बाद में चौथे स्थान पर पहुंच गया था।
टीम ने शहर की सफाई का आब्जर्वेशन किया था, उसमें 847 अंक और सर्टिफिकेशन में 600 और सबसे कम सर्विस लेवल प्रोसेस में 510 अंक प्राप्त हुए हैं। नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक शहर में जब टीम शौचालयों का सर्वे कर रही थी तब उन्हें कई स्थानों पर शौचालय गंदे मिले थे। शौचालयों में बोर्ड तक नहीं थे। अन्य कई प्रकार की खामियां मिली थीं।
टूट गया टॉप टेन में आने का सपना
नगर निगम के अधिकारी शहर के टॉप टेन में आने का सपना देख रहे थे, जिस तरह उत्तर प्रदेश में हुई स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता में नगर निगम को प्रदेश में पहला स्थान मिला था। शहर ओडीएफ डबल प्लस घोषित हुआ था। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों के हौसले बुलंद थे।स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले और सर्वे के दौरान दिन रात काम किया लेकिन परिणाम आने पर टॉप टेन का सपना टूट गया।
शहर की सफाई व्यवस्था से नागरिक बेशक संतुष्ट न हों लेकिन जब शहर के इम्तिहान की बारी आई तो जनता ने निगम के अधिकारियों का खुलकर साथ दिया। शहर की जनता ने जमकर आनलाइन फीडबैक दिया। इसी वजह से आगरा नगर निगम को 1200 में 1014 अंक हासिल हुए हैं।
'नगर निगम के कर्मचारियों ने मेहनत की। शहर की जनता का सहयोग मिला है। आगरा नगर निगम देश के अन्य शहरों की तुलना में 17 पायदान ऊपर चढ़ा है। हालांकि यह नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं है लेकिन कोई बात नहीं है और मेहनत करेंगे। इससे बेहतर परिणाम भी आएंगे।' - अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त
'इस परिणाम पर मुझे खुशी भी है और गम भी है। खुशी इस बात की है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में आगरा नगर निगम को 4005 शहरों में 102 वां स्थान मिला था और इस बार 4041 शहरों में से 85 वां स्थान हासिल हुआ है। हमने पहले से बेहतर काम किया है। जनता ने निगम का सहयोग किया है। जो कमियां रह गई हैं उन्हें दूर करेंगे और 2020 में टॉप टेन में स्थान हासिल करने का प्रयास होगा।' -नवीन जैन, मेयर
'ताजमहल के शहर को ताजमहल की तरह स्वच्छ भी होना चाहिए। नगर निगम कर्मचारियों ने मेहनत की है। पिछली वर्ष की तुलना में स्थिति सुधरी है। इसके लिए निगम के कर्मचारी बधाई के पात्र हैं लेकिन साथ में यह भी कहूंगा उन्हें और मेहनत करनी चाहिए।' - चौधरी बाबूलाल, सांसद फतेहपुर सीकरी
'सफाई एक सतत प्रक्रिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर देश में स्वच्छता का मिशन चला है। लोग सफाई के प्रति जागरूक हुए हैं। आगरा शहर में सफाई के प्रति जागरूकता आई है। पिछले वर्ष की तुलना में 17 पायदान ऊपर चढ़े हैं। यह इसी जागरूकता और निगम की मेहनत को दर्शाता है। काम कभी रुकता नहीं है, अगले वर्ष के लिए और मेहनत करेंगे।' - रामशंकर कठेरिया, सांसद आगरा