मैनपुरी। शनिवार को नगर पंचायत घिरोर के निलंबित अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीलाभ शाल्या कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय पहुंचकर फाइलें खंगालना शुरू कर दिया। जानकारी होने पर पहुंचे चेयरमैन प्रतिनिधि दिनेश जाटव ने उन्हें कार्यालय से जाने के लिए कहा। काफी प्रयास के बाद ईओ कार्यालय से गए। वे अपने साथ गोशाला से संबंधित कुछ अभिलेख भी ले गए।
घिरोर में तैनात अधिशासी अधिकारी नीलाभ शाल्य को शासन ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के आरोपों में निलंबित कर दिया था। 15 जून को नगर विकास के ट्विटर एकाउंट से ट्वीट कर निलंबन की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई थी। साथ ही जिला प्रशासन को निलंबन आदेश भी प्राप्त करा दिया गया था। इसके बाद दो दिनों तक अधिशासी अधिकारी नीलाभा शाल्या कार्यालय नहीं गए। शनिवार को अचानक वे सुबह ही कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कक्ष में बैठकर फाइलें खंगालना शुरू कर दिया।
जैसे ही निलंबित अधिशासी अधिकारी के कार्यालय पहुंचने की जानकारी चेयरमैन प्रतिनिधि दिनेश जाटव को हुई तो वे भी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से कहा कि वह निलंबित हो चुके हैं, ऐसे में उन्हें कार्यालय आकर बैठने और अभिलेख देखने का कोई अधिकार नहीं है। बाद में चेयरमैन प्रतिनिधि ने उन्हें कार्यालय वापस भेज दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो लोगों के बीच चर्चा में बना हुआ है।
गोशाला संबंधी अभिलेख ले जाने की हैं चर्चाएं
निलंबित अधिशासी अधिकारी शनिवार को कार्यालय पहुंचे थे। यहां से वे अपने साथ कुछ अभिलेख भी ले गए। सूत्रों के अनुसार जो अभिलेख निलंबित अधिशासी अधिकारी ले गए हैं वे गोशाला से संबंधित थे। इसमें भूसे के भुगतान व अन्य अभिलेख शामिल हैं।
शनिवार को सुबह निलंबित अधिशासी अधिकारी कार्यालय आए थे। वे अभिलेख खंगाल रहे थे। जानकारी होने पर मैनें कार्यालय पहुंचकर उन्हें वहां से वापस भेज दिया।
-दिनेश जाटव, चेयरमैन प्रतिनिधि घिरोर।