राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में संचालित परियोजनाओं का जायजा लेने पहुंचे प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने यूनिवर्सिटी को गो संवर्धन के क्षेत्र में शोधपरक कार्य करने को कहा। बोले, गोमूत्र और उसके गोबर पर शोध करें, किस प्रकार यह कृषि भूमि की उर्वरता को बढ़ाने में और सहायक हो सकते हैं।
बुधवार को कृषि मंत्री ने यूपी वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में 32 करोड़ की लागत से संचालित जैव जलवायु प्रयोगशाला, बकरी वीर्य उत्पादन एवं वीर्य प्रमाणिकरण प्रयोगशाला, साइलेज यूनिट और दूध परीक्षण प्रयोगशाला देखी। इनके कार्य को समझा। इन्हें देखने के बाद यूनिवर्सिटी और परियोजनाओं से जुडे वैज्ञानिकों के साथ बैठक की।
इस दौरान उन्होंने सभी परियोजनाओं की सराहना करते हुए जैव जलवायु प्रयोगशाला के उद्देश्यों को लेकर खुशी जताई। कृषि मंत्री ने गाय को बहुपयोगी बनाने की दिशा में शोध का आग्रह यूनिवर्सिटी से किया।
कहा कि गोमूत्र और गोबर पर शोध करें कि किस प्रकार यह कृषि भूमि में उर्वरता को और बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इससे किसान के लिए गो पालन और भी लाभकारी हो सके।
इस दौरान कुलपति प्रो. जीके सिंह, डीन डा.एसके गर्ग, रजिस्ट्रार डा.पीके शुक्ला, डायरेक्टर रिसर्च डा.अतुल सक्सैना, डायरेक्टर प्रसार डा.सर्वजीत यादव, सब रजिस्ट्रार डा.ब्रजेश यादव आदि मौजूद रहे।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने द्वारिकाधीश मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ठाकुर ओमप्रकाश सिंह, राजेश गुप्ता डब्बू, अनुराग चतुर्वेदी, नीरज शर्मा, यशराज चतुर्वेदी, लव कुमार, मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी भी मौजूद रहे।