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Agra News: सर्वे बना सबूत...कागजी पर्दों और हवाई बारिशों से नहीं रुक रही धूल

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सांसों पर संकट
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आगरा। मेट्रो और सीएम ग्रिड के काम, जलनिगम की पानी और सीवर लाइन बिछाने के लिए की जा रही सड़कों की खुदाई से सांसों पर संकट मंडरा रहा है। कागजों में प्रदूषण के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं लेकिन धूल के गुबार झेल रहे लोगों के फेफड़े लगातार परेशानी में हैं।
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खुदाई के कारण मिट्टी के ढेर सड़कों पर लगा दिए गए हैं। कागजी दावों के विपरीत न तो कहीं पानी का छिड़काव हो रहा है और न ही हरे पर्दे लगाकर धूल के मोटे कण यानी पीएम-10 को रोकने का इंतजाम किया गया है। बारिश थमने के बाद तेज धूप में वाहन निकलने पर धूल के गुबार वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रहे हैं।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में आगरा एक पायदान लुढ़ककर चौथे स्थान पर पहुंच गया। इसके बाद भी धूल नियंत्रण के कोई इंतजाम नहीं दिखाई दे रहे हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण शहर की हवा की सेहत के साथ सर्वेक्षण में रैंकिंग भी गिर गई। अमर उजाला टीम ने मेट्रो स्टेशनों और सीएम ग्रिड के कामों का जायजा लिया तो शनिवार दोपहर में धूल के गुबार उड़ते नजर आए।
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दिल्ली गेट : सीएम ग्रिड रोड
हरीपर्वत से दिल्ली गेट और मदिया कटरा के बीच सीएम ग्रिड के तहत 1.25 किमी लंबी सड़क का निर्माण 31.82 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। दिल्ली गेट से हरीपर्वत चौराहे के बीच की डिवाइडर से एक ओर की सड़क खोदकर छोड़ दी गई है। पांच महीने से यहां काम चल रहा है। पार्षद शरद चौहान के मुताबिक मिट्टी के ऊंचे टीले और सड़क पर ढेर छोड़ दिए गए हैं। हवा में उड़ती धूल के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल है। धूल उड़ने से रोकने के कोई उपाय नहीं हो रहे हैं।

सिकंदरा स्टेशन : मेट्रो निर्माण
नेशनल हाईवे-19 पर केके नगर मोड़ पर सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का निर्माण हो रहा है। शनिवार दोपहर यहां सड़क पर मिट्टी मिली और गड्ढे की खुदाई के बाद निकाली मिट्टी के ऊंचे टीले बना दिए हैं। पार्षद संजय राय के मुताबिक हाईवे पर वाहनों के निकलने पर धूल के गुबार के कारण देखना भी मुश्किल हो रहा है। पिलर के बीच खोदी गई मिट्टी छह माह से सड़क पर ही जमा है। बारिश के बाद सड़कों पर जमा धूल वाहनों के टायरों के कारण सिकंदरा से खंदारी के बीच उड़ रही है। आईएसबीटी पर भी सिकंदरा की तरह धूल नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए।


धूल नियंत्रण के लिए नहीं हो रहे ये उपाय
- मेट्रो के स्प्रिंकलर कई माह से लोगों ने नहीं देखे।
- स्टेशनों पर लगी वाटर कैनन चलती नहीं दिखीं।
- सड़कों पर टैंकर से पानी का छिड़काव जून से बंद है।
- सीएम ग्रिड की किसी साइट पर हरे पर्दे नहीं लगे हैं।
- मिट्टी के ट्रक निकलने पर टायरों की धुलाई भी बंद है।
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- बारिश के कारण मानसून सीजन में पानी का छिड़काव बंद कराया गया था। अब बारिश नहीं हो रही और धूल की शिकायतें हैं तो फिर से छिड़काव शुरू कराया जाएगा। - पंचानन मिश्रा, पीआरओ, यूपीएमआरसी
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- ठेकेदारों से पानी के टैंकर और स्प्रिंकलर लगातार चलाने को कहा है ताकि धूल न उड़े। खामियां मिलने पर जुर्माना लगाया गया है। फिर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अरविंद श्रीवास्तव, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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सांसों पर संकट

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