फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: अस्पतालों का सर्वे हुआ शुरू...इन 30 मानकों पर नहीं उतरे खरे, तो कर दिए जाएंगे बंद; ध्यान से पढ़ लें ये खबर

Tue, 31 Dec 2024 10:17 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

सीई एक्ट के तहत नए प्रावधान लागू हुए हैं। जिसमें 50 या इससे इससे अधिक बेड के अस्पताल पंजीकृत होंगे। इसका अलग से सर्वे किया जा रहा है।
 
विज्ञापन
hospital demo - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (सीईए) के तहत 30 से अधिक मानकों पर अस्पताल परखे जाएंगे। इसके लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। इसका अलग से सर्वे किया जा रहा है। कड़े मानकों के चलते कई अस्पताल बंद हो सकते हैं।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के यहां 1,316 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनमें 492 क्लीनिक, 487 अस्पताल, 150 पैथोलॉजी लैब, 103 डायग्नोस्टिक सेंटर और 85 डेंटल क्लीनिक हैं। सीईए के तहत 50 या इससे अधिक बेड वाले अस्पतालों का पंजीकरण शुरू हो गया है। इनमें 30 से अधिक मानक होना जरूरी है। इनका सर्वे किया जा रहा है। इसके कड़े नियमों के चलते अधूरे मानकों वाले अस्पताल के बंद होने का खतरा है।

 

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि सीईए के तहत मरीज आने पर उसको प्राथमिक उपचार देना जरूरी होगा। मरीज के रिकाॅर्ड सुरक्षित रखने होंगे। अग्निशमन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत अन्य विभागों की एनओसी, चिकित्सक-पैरामेडिकल स्टाफ की चिकित्सकीय डिग्री-अनुभव प्रमाणपत्र, अस्पताल में संचालित चिकित्सकीय सेवाओं के विशेषज्ञ-संसाधनों का प्रमाणपत्र समेत अन्य मानक हैं। इनमें 50 या इससे अधिक बेड वाले अस्पतालों का पंजीकरण शुरू हो गया है। मानक नहीं मिलने पर पंजीकरण नहीं होगा और संचालन भी बंद कराया जाएगा।

ये भी पढ़ें -  UP: आगरा की 18 ऐसी जगह, जो जितनी मशहूर महिलाओं के लिए उतनी असुरक्षित... जाने से पहले 10 बार सोच लें

 
विज्ञापन

अस्पताल संचालकों के अधूरे जवाब
स्वास्थ्य विभाग के छापे में 15 से अधिक अस्पतालों में डॉक्टर और प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ नहीं मिला। तीन अस्पतालों में बिना मान्यता के एनआईसीयू संचालित मिला। दो में अवैध पैथोलॉजी लैब और मेडिकल स्टोर मिला था। इन अस्पताल संचालकों ने नोटिस के बाद अधूरे प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए हैं। इनको दोबारा नोटिस दिया है। सीएमओ का कहना है कि नोटिस में अधूरे रिकाॅर्ड दिए हैं, कुछ के अभी तक जवाब नहीं आए हैं। इनकी रिपोर्ट बनाई जा रही है। लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।

ये भी पढ़ें -  UP: 12वीं पास महिला बनी डॉक्टर, मोहल्ला क्लीनिक बनाया...चला रही थी प्रसव और गर्भपात सेंटर
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें