सुप्रीम कोर्ट ने फिरोजाबाद जिले में संचालित कांच इकाइयों की रिपोर्ट तलब की है। जिसके तहत वर्ष 1996 से अब तक जिले में संचालित कांच इकाइयों और उनके पार्टनर का ब्योरा मांगा गया है।
कांच इकाइयों में सालों पुराने पार्टनरों के नाम खोजने में विभागीय अफसरों के पसीने छूटे रहे हैं। वहीं कांच इकाइयों की रिपोर्ट तलब करने की खबर से उद्योग जगत में भी खलबली मची हुई है।
ताजमहल पर बढ़ते प्रदूषण को रोकने के बजाए कांच इकाइयों पर मेहरबानी दिखाना टीटीजेड अथॉरिटी के लिए गले की फांस बन गया है। रोक के बावजूद कांच इकाइयों की क्षमता वृद्धि को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।