वक्फ संशोधन विधेयक पर सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश का भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष समी आगाई ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस आदेश से मुस्लिम समाज को बड़ी राहत मिली है।
भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष समी आगाई ने वक्फ संशोधन विधेयक पर सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस आदेश से मुस्लिम समाज को बड़ी राहत मिली है और सरकार की नीयत पर सवाल खड़े हुए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून की कई धाराओं पर रोक लगाई है। धारा 3(आर) में पांच साल से इस्लाम मानने की शर्त को तब तक लागू नहीं किया जाएगा, जब तक इसके लिए स्पष्ट प्रक्रिया तय न हो। धारा 3सी(2) के उस प्रावधान को भी स्थगित कर दिया गया है, जिसमें किसी संपत्ति को वक्फ मानने से पहले कलेक्टर की रिपोर्ट जरूरी थी।
इसी तरह धारा 3सी(3) और (4) पर भी रोक लगी है, जो अधिकारियों को भूमि को सरकारी घोषित करने और रिकॉर्ड बदलने का अधिकार देती थीं। वक्फ बोर्डों में गैर मुस्लिमों की संख्या पर भी कोर्ट ने सीमा तय की है। अब केंद्रीय वक्फ बोर्ड में अधिकतम 4 और राज्य वक्फ बोर्ड में 3 गैर मुस्लिम सदस्य ही हो सकेंगे। धारा 23 के तहत अदालत ने साफ किया कि जहां तक संभव हो, वक्फ बोर्ड का सीईओ मुस्लिम ही होना चाहिए।