उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण नदियों में पहाड़ों का मलबा गिरने से गंगाजल में भारी मात्रा में सिल्ट आ रही है, जिस वजह से अपर गंगा कैनाल के जरिए आगरा को 140 एमएलडी गंगाजल सोमवार को कम मिल पाया। इस पानी में सामान्य से 20 गुना ज्यादा सिल्ट यहां पहुंच रही है। सोमवार को अपर गंगा कैनाल का रेगुलेटर बंद का दिया गया, जहां से आगरा के लिए पानी भेजा जाता है। इससे अगले दो दिन पूरे शहर में पानी का संकट रहेगा।
जून के महीने में लगातार तीसरी बार गंगाजल की सप्लाई में कमी हुई है। रविवार रात से सोमवार शाम तक आगरा को मिल रहे गंगाजल में तेजी से कमी होनी शुरू हो गई। 370 एमएलडी पानी आगरा को हर दिन मिल रहा था, लेकिन सोमवार को केवल 230 एमएलडी ही मिल पाया, इसमें भी सिल्ट की मात्रा अधिक है।
इस पानी में से 120 एमएलडी जीवनी मंडी वाटरवर्क्स को दिया गया, जबकि 110 एमएलडी का शोधन सिकंदरा वाटरवर्क्स से किया गया। जिस तेजी से पानी में कमी आ रही है, उसे देखते हुए अगले दो दिनों में पानी का संकट गहराने के आसार हैं। पूर्व की तरह गंगाजल महज 50 से 70 एमएलडी तक ही रह सकता है।
इतना मिलता है पानी
370 एमएलडी मिलता है हर रोज
230 एमएलडी मिला सोमवार को
140 एमएलडी गंगाजल कम मिला
8200 पीपीएम सिल्ट की मात्रा
भरकर रख लें पानी
जल निगम द्वारा हरिद्वार में सिंचाई विभाग से अपर गंगा कैनाल से पानी के प्रवाह पर संपर्क में हैं, वहीं बुलंदशहर के पालड़ा फॉल पर पानी में आ रही कमी की जानकारी हर घंटे जुटाई जा रही है। ऐसे में जलनिगम के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर आज से दो दिन तक पानी का संकट रहेगा, सप्लाई के दौरान जितना भी पानी मिले उसे स्टोर करके रख लें जिससे उनकी जरूरत पूरी हो सके।
प्रवाह पर रख रहे नजर
हरिद्वार से ही गंगाजल में भारी मात्रा में सिल्ट आ रही है, जिसका असर बुलंदशहर में पालड़ा फॉल पर पड़ने लगा है। रेगुलेटर बंद होने से आज दोपहर से पानी की मात्रा में और कमी आ सकती है। हम हर घंटे प्रवाह पर नजर रखे हुए हैं। लोग पानी स्टोर करके रख लें। - आरके गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम गंगाजल इकाई