'यह ढाई किलो हाथ जब पड़ता है तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है...' सनी देओल का यह फिल्मी डॉयलाग लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है। सोचिए, अगर वो चुनाव मैदान में उतरकर मंच से डॉयलाग बोलेंगे तो क्या होगा? लेकिन आप यह न सोचिए कि वो उम्मीदवार बनने जा रहे हैं। हां, इतना जरूर है कि हर बार की तरह इस बार भी उनका नाम चर्चा में हैं।
कुछ लोग कह रहे हैं कि वो फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं तो कुछ का मानना है कि मथुरा से उम्मीदवार बनेंगे। यह पहली बार नहीं है। पिछले 20 सालों से उनका नाम हर लोकसभा चुनाव में उछलता है।
जाट बहुल सीटों पर लोग इस तरह की चर्चा करते हैं। सिर्फ ब्रज में ही नहीं, पश्चिमी यूपी में भी। कई बार बागपत सीट से उनका नाम चल चुका है। उनके पिता धर्मेन्द्र का नाम भी कई बार चला है। वो बीकानेर से सांसद रह चुके हैं ।