गर्मियों में तापमान बढ़ने पर शरीर में पानी की मात्रा कम होने लगती है। थोड़ी सी लापरवाही के कारण डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त, चक्कर आना और कमजोरी आदि होने लगती हैं।
तेज धूप और गर्मी से लोगों की हालत खराब हो रही है। उल्टी-दस्त, सिर में दर्द, घबराहट के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे लोगों से इमरजेंसी में बेड फुल हो गए हैं। इससे मरीजों को 24 घंटे के बजाय 15-18 घंटे में ही वार्ड में शिफ्ट करना पड़ रहा है।
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इमरजेंसी प्रभारी डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि अधिक गर्मी से डायरिया और दूषित खानपान से पेट रोग की दिक्कत बढ़ गई है। इमरजेंसी में रोजाना ऐसे 25-35 मरीज आ रहे हैं। ज्यादातर में सिर में दर्द, उल्टी-दस्त, घबराहट, पसीना अधिक आने और शरीर में पानी की कमी की दिक्कत मिल रही है। कई मरीजों का रक्तचाप भी ठीक नहीं मिला।
मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि धूप और गर्मी में कार्य करने वाले लोगो की हालत ज्यादा खराब हो रही है। ओपीडी में 488 मरीज आए, इनमें से 60 फीसदी को उल्टी-दस्त, बुखार, सिर में दर्द, बेचैनी, पानी की कमी की दिक्कत मिली। दूषित भोजन और शादी-समारोह में ओवर इटिंग से पेट में दर्द, अपच और फूड पॉइजनिंग भी हो रही है।
लू से बच्चों को हो रहा बुखार
एसएन के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बताया कि लू लगने से बच्चों को बुखार आ रहा है। उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की कमी हो रही है। ओपीडी में आए 144 बच्चों में से 65 फीसदी को यही परेशानी मिली। हालत खराब होने पर इमरजेंसी में भी रोजाना 10-15 बच्चे भर्ती हाे रहे हैं। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के सचिव डॉ. राहुल पेंगोरिया ने बताया कि खुले और दूषित खानपान से बच्चों में उल्टी-दस्त और फूड पॉइजनिंग की परेशानी भी मिल रही है।
इन बातों का रखें ख्याल
- जरूरी कार्य न हो तो सुबह 11 से दोपहर 5 बजे तक बाहर निकलने से बचें।
- घर से बाहर जाने से पहले नाश्ता करें, साथ में पानी लेकर जाएं।
- पूरी आस्तीन और सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें।
- रक्तचाप के मरीज नियमित रक्तचाप जांचें, दवाएं बंद न करें।
- छाछ, लस्सी, नींबू पानी, आम का पना, नारियल पानी खूब पीएं।
- मैदा-तले भोजन से बचें, हरी सब्जी, सलाद और फल खाएं।