आगरा के थाना शाहगंज के राधे वाली गली में बृहस्पतिवार को सोनू (28) की पीटकर हत्या नहीं हुई थी। उन्होंने आत्महत्या की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फंदे पर झूलना पाया गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिन लोगों को मुकदमे में नामजद किया गया, वह भी अलग-अलग जगह मौजूद थे। हत्या की बात साबित नहीं हो सकी।
राधे वाली गली निवासी सोनू हैदराबाद की कंपनी में काम करता था। दो महीने पहले घर आया था। बृहस्पतिवार शाम छह बजे मां सुनीता देवी ने पुलिस को सूचना दी थी। बताया कि बेटे की हत्या कर दी गई। वह पड़ोस में गई थीं। मोहल्ले के सुनील, महिपाल, विशाल, राहुल और सुनील घर में आए। बेटे की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद भाग गए।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। फील्ड यूनिट ने भी जांच की। घर में एक जगह फंदा लगा मिला। परिजन ने बताया कि बेटे को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई थी। बोतल बांधने के लिए फंदा लगाया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई। इसमें मौत का कारण फांसी लगना आया। मौत भी दोपहर 12 बजे हो गई थी, जबकि परिजन ने पुलिस को सूचना छह घंटे बाद दी थी।
पुलिस ने नामजद आरोपियों को उठाया। वह अलग-अलग जगह पर मिले। पुलिस ने बताया कि सोनू ने 15 दिन पहले अपने घर में ही झगड़ा किया था। पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई की थी। इसका पुलिस के पास रिकॉर्ड भी है। अब मुकदमा खारिज किया जाएगा। आरोपियों को क्लीन चिट मिलेगी। सोनू के परिजन ने जिन लोगों को मुकदमे में नामजद किया है, उनका सोनू के परिवार से पूर्व में विवाद हुआ था। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है।