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किसानों का चीनी मिल पर ५९ करोड़ बकाया

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कासगंज। नए पेराई सत्र में गन्ने की बिक्री कर चुके किसानों को भुगतान ना मिलने से वे परेशान हैं। चीनी की बिक्री नहीं होने के कारण यह समस्या आई है। आलम यह है कि चीनी मिल ने अब तक महज 10 प्रतिशत भुगतान ही किया है। करीब 49.50 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है।
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कोरोना काल में लगभग सभी व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई हैं। गन्ना किसानों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। चीनी की बिक्री नहीं होने के कारण उनका भुगतान लंबित है। गन्ना विभाग के प्रयास से लॉकडाउन में मात्र 10 प्रतिशत तक भुगतान किया गया है। चीनी मिल भुगतान की एडवाइजरी तैयार कर चुकी है। एडवाइजरी बैंक नहीं भेजी जा रही। इस बीच सरकार ने निर्देश जारी किया है कि जो किसान बकाए भुगतान की एवज में चीनी लेना चाहते हैं वे मिल से निर्धारित मूल्य पर एक क्विंटल तक चीनी ले सकते हैं।
आगरा में होती है सबसे अधिक खपत
न्यौली चीनी मिल की चीनी की बिक्री सबसे अधिक आगरा शहर में होती है। यहां का पेठे का बड़ा कारोबार है। इसमें चीनी का बहुत उपयोग होता है। लेकिन कोराना के चलते इस शहर के कारोबार ठप पड़े हैं। इसलिए चीनी बिक्री नहीं हो पा रही।
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आंकड़े की नजर से-
- 49.50 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान चीनी मिल पर बकाया।
- 18 लाख क्विंटल गन्ना नए सत्र में चीनी मिल ने खरीदा था।
- लॉकडाउन के कारण चीनी बिक्री नहीं हो रही है। इस कारण भुगतान प्रभावित हो गया है। लॉकडाउन के बाद भुगतान तेजी से कराया जाएगा।- ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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