कासगंज। नए गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों में प्रशासन जुटा हुआ है। जिले में एक मात्र चीनी मिल न्यौली में है। इसके लिए गन्ना आयुक्त ने नए सत्र में गन्ना खरीद के लिए क्रय केंद्र आवंटित कर दिए हैं। यह केंद्र कासगंज, बदायूं और अलीगढ़ जिले में बनाए जाएंगे। इन तीनों ही जिलों का गन्ना कासगंज की न्यौली चीनी मिल खरीदेगी।
जिले में गन्ने की पैदावार एक बड़े क्षेत्रफल में होती है। इसके अलावा आस-पास अलीगढ़ व बदायूं जिले में भी गन्ने की पैदावार होती है। यह गन्ना न्यौली चीनी मिल खरीदती है। न्यौली चीनी मिल में गन्ना खरीद के लिए अभी से तैयारियां कर ली गई हैं। गन्ना विभाग खरीद से पहले लक्ष्य तय कर रहा है। गन्ना विभाग द्वारा न्यौली चीनी मिल के लिए गन्ना खरीद केंद्र बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इस पर शासन ने अब हरी झंडी दे दी है। कुल 28 क्रय केंद्र न्यौली चीनी मिल के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इसमें कासगंज, अलीगढ़ और बदायूं जिले के लिए अलग-अलग केंद्र आवंटित हैं। केंद्र निर्धारित होते ही चीनी मिल केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
भुगतान में ढिलाई पड़ गई महंगी
पिछले साल तक न्यौली चीनी मिल के 30 खरीद केंद्र थे, लेकिन भुगतान में ढिलाई होने के कारण शासन ने गन्ना खरीद केंद्रों की संख्या कम कर दी है। पिछले साल तक चीनी मिल ने अलीगढ़, कासगंज, बदायूं जिलों के साथ-साथ फर्रुखाबाद जिले के किसानों का भी गन्ना खरीदा था, लेकिन इस बार फर्रुखाबाद जिले में न्यौली चीनी मिल का कोई केंद्र बनाने की अनुमति शासन ने नहीं दी है।
आंकड़े की नजर से-
- 13 क्रय केंद्र कासगंज जिले में न्यौली चीनी मिल के बनाए जाएंगे।
- 6 क्रय केंद्र न्यौली चीनी मिल के अलीगढ़ जिले में बनेंगे।
- 9 क्रय केंद्र न्यौली चीनी मिल के बदायूं जिले में बनाए जाएंगे।
शासन ने न्यौली चीनी मिल के खरीद केंद्रों का निर्धारण कर दिया है। यह केंद्र बदायूं, कासगंज और अलीगढ़ जिले में बनाए जाएंगे। भुगतान में ढिलाई रहने के कारण शासन ने इस बार 30 केंद्रों के सापेक्ष 28 केंद्र निर्धारित किए हैं। - ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी