कासगंज। न्यौली चीनी मिल में पेराई शुरू हो चुकी है लेकिन इस बार गत वर्ष के मुकाबले पेराई का लक्ष्य बढ़ाया गया है। इस बार चीनी मिल 25 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करेगी। 16 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद जिले के गन्ना किसानों से होगी। जबकि 9 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद अलीगढ़ और बदायूं के किसानों से होगी। अलीगढ़ की चीनी मिल बंद होने के कारण यह लक्ष्य बढ़ाया गया है। लक्ष्य बढ़ने से जिले के किसानों को भी दिक्कतें नहीं होंगी। उनके पूरे गन्ने की खपत हो जाएगी वहीं अलीगढ़ और बदायूं के किसानों को भी राहत मिलेगी।
शासन ने इसके लिए व्यवस्था निर्धारित की है। अलीगढ़ के किसानों से 3 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा जाएगा और बदायूं के किसानों से 6 लाख क्विंटल। इसके लिए 14 खरीद केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन खरीद केंद्रों के माध्यम से गन्ना लिया जाएगा। जिले के किसानों ने अपना गन्ना खरीद केंद्रों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। एक दिन पूर्व से शुक्रवार से गन्ना की खरीद शुरू कर दी गई है। बदायूं और अलीगढ़ जिले के क्रय केंद्र भी सक्रिय किए जा रहे हैं। अलीगढ़ और बदायूं जनपदों के कुछ क्षेत्रों का ही गन्ना खरीदा जाएगा। इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि अपने जिले के किसानों को दिक्कतें न हो। इसलिए 16 लाख क्विंटल गन्ना जिले के किसानों का खरीदा जाएगा।
बंद है अलीगढ़ की गोपी मिल
अलीगढ़ जिले की गोपी चीनी मिल काफी समय से बंद चल रही है। ऐसे में अलीगढ़ के किसान गन्ना बिक्री को लेकर परेशान रहते हैं। अब किसानों को न्यौली चीनी मिल से राहत मिलेगी।
आंकड़े की नजर से
- 30 खरीद केंद्र बनाए गए हैं न्यौली चीनी मिल के।
- 12 खरीद केंद्र बदायूं जिले में बनाए गए
- 2 खरीद केंद्र अलीगढ़ जिले में बनाए गए
-16 खरीद केंद्र कासगंज जिले में बने हैं
वर्जन
- न्यौली चीनी मिल के लिए 30 खरीद केंद्र शासन से निर्धारित किए गए हैं। जिनमें 12 बदायूं में और दो अलीगढ़ जिले में बनाए गए हैं। सभी खरीद केंद्रों पर गन्ना पहुंचने लगा है। किसानों को ई पर्ची भेजी जा रही हैं।-ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी ।
चीनी मिल में व्यवस्थित रूप से गन्ने की पिराई हो रही है। जिले के गन्ना किसानों के साथ-साथ अलीगढ़ और बदायूं के गन्ना किसानों का गन्ना भी न्यौली चीनी मिल खरीदने की पूरी तैयारी कर चुकी है।-एसपी सिंह, महाप्रबंधक चीनी मिल।