आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आखिरकार रोजगारपरक पाठ्यक्रम (वोकेशनल कोर्सेज) की सूची जारी कर दी गई है। इसमें ‘चुनाव विश्लेषक’ व ‘टूर गाइड’ सहित 135 पाठ्यक्रम हैं। छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रमों को चुनने का विकल्प अब दिया जा सकेगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम के पाठ्यक्रमों में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को पढ़ाया जाना है।
सत्र शुरू होने के साथ ही रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को स्नातक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रमों में पढ़ाया जाना था। पाठ्यक्रम तैयार किए बिना राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर दिया गया था। शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देेशों के अनुरूप कॉलेजों से ही रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव लिए गए। कॉलेजों से प्राप्त कुल 135 पाठ्यक्रमों को मानकों के अनुरूप रखकर पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई। पहले बोर्ड ऑफ स्टडीज कराई गई। इसके बाद विद्या परिषद और कार्य परिषद में पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई। कार्य परिषद की बैठक छह जनवरी को हुई थी। इसमें पाठ्यक्रम मंजूर हो गए थे, पर इनको जारी नहीं किया जा रहा था।
प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कार्यभार ग्रहण करने के दिन ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन से जुड़े लोगों की बैठक बुलाई। एक दिन का समय पाठ्यक्रमों को वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए दिया। शुक्रवार हो ही पाठ्यक्रमों को जारी किया जाना था, लेकिन यह शनिवार को जारी हो पाए।
स्किल ऑफ स्पीकिंग, स्पीकिंग विद फन, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग लर्निंग विद अर्निंग, एयर क्वालिटी मैनेजमेंट, बेसिक कंप्यूटर इन कंप्यूटर अप्लीकेशन, स्किल डेवलपमेंट इन सोशियोलॉजी, हेरिटेज कंजरवेशन, योग साइंस, कंप्यूनिटी साइंस, मल्टीमीडिया एंड एनीमेशन, इकोटूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, एग्री फूड प्रोसेसिंग, ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी, प्लांट नर्सरी मैनेजमेंट, ऑर्गेनिक फार्मिंग एंड प्रोडक्ट्स, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, रेडियो के लिए लेखन व प्रस्तुतीकरण आदि पाठ्यक्रम शामिल हैं।