आगरा। बीएएमएस के छात्रों के अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना फैसला बदल लिया है। वह पूरक परीक्षा में शामिल छात्रों की कॉपियां दिखाने के लिए तैयार हो गया है। सक्षम अधिकारियों के समक्ष आवेदन करने के लिए परीक्षार्थियों को कॉपियां दिखाई जाएंगी। लिखित सूचना जारी की गई, इसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त किया।
प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा से बृहस्पतिवार को धरने पर बैठे छात्रों और एनएसयूआई के पदाधिकारियों को सूचना की प्रति सौंपी। विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देश पर यह कदम उठाया गया। सूचना में कहा गया है कि बीएएमएस सत्र 2016-17, 2017-18 और 2018-19 के प्रथम वर्ष की पूरक और पुनर्परीक्षा में शामिल छात्रों की ओर से आवेदन करने पर संबंधित प्रश्नपत्र की कॉपी को छात्रों को विश्वविद्यालय के अधिकारियों के सामने दिखाया जाएगा। छात्रों को यह अवसर भी दिया जाएगा कि प्रश्नों के सापेक्ष लिखे गए उत्तरों पर परीक्षकों की ओर से दिए गए अंकों पर अपनी टिप्पणी और आपत्ति लिखित में प्रस्तुत कर सकेंगे।
यह सुविधा निश्चित प्रारूप पर छात्रों की ओर से आवेदन किए जाने के बाद दी जाएगी। आवेदन का प्रारूप विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। आवेदन करने वाले छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का प्रभारी कुलपति की ओर से निर्धारित परीक्षकों के माध्यम से स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाएगा। उत्तर पुस्तिका पर कुल प्राप्तांक बढ़ने की स्थिति में परिणाम में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। छात्रों की ओर से पूरक और पुनर्परीक्षा में उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में चुनौती की सुविधा दिए जाने की छात्रों की मांग को देखते हुए विशेष परिस्थितियों यह निर्णय लिया गया है। इसे आगामी कार्य परिषद की बैठक में रखा जाएगा।