डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षा को 40 दिन हो चुके हैं लेकिन नकल पर निर्णय न होने के कारण पूरा परिणाम जारी नहीं हो सका है। विश्वविद्यालय में बीकॉम तृतीय वर्ष पाठ्यक्रम में सौ से अधिक कॉलेजों के करीब 15 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में पंजीकृत हैं। 40 दिन पहले ओएमआर शीट पर आधारित परीक्षा कराई गई थी।
इस परीक्षा में प्रायोगिक व मौखिक परीक्षा नहीं होनी थी। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में बीकॉम तृतीय वर्ष का परिणाम तो जारी कर दिया गया है, पर 32 राजकीय और एडेड कॉलेजों के करीब 4400 का ही। परीक्षा समाप्त होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूएफएम कमेटी की बैठक नहीं कराई है। इससे नकल में पकड़े गए कॉलेजों और परीक्षार्थियों पर निर्णय नहीं लिया जा सका है। परिणाम लटके होने की यह मुख्य वजह है। वहीं, जिन पाठ्यक्रमों में प्रायोगिक व मौखिक परीक्षाएं होनी थी, उसमें कॉलेजों की ढिलाई की वजह से भी परिणाम में देरी हो रही है।
एमकॉम व एबीए में प्रवेश नहीं ले पा रहे छात्र
बीकॉम अंतिम वर्ष का परीक्षा परिणाम जारी न होने से छात्र-छात्राएं एमकॉम व एमबीए पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। छात्रों ने वेब रजिस्ट्रेशन कराने के साथ संस्थानों व कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन कर रखा है। प्रवेश के लिए परिणाम मांगा जा रहा है।
एक-दो दिन में परिणाम जारी कर दिया जाएगा
राजकीय व एडेड कॉलेजों के परिणाम जारी किए जा चुके हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के परिणाम एक-दो दिन में जारी कर दिया जाएगा। जिन कॉलेजों में परीक्षा के दौरान नकल पकड़ी गई थी, उनको छोड़कर बाकी के परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। अगले हफ्ते यूएफएम कमेटी की बैठक होनी है, उसमें नकल वाले कॉलेजों का प्रकरण रखा जाएगा। - डॉ. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक, विश्वविद्यालय