राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर प्रस्तावित उत्तरी बाईपास की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तीन साल बाद बनकर तैयार हो सकी है। इसे शासन की स्वीकृति भी मिल गई है। इसके बाद तकनीकी परीक्षण के लिए विशेषज्ञों की टीम के पास स्क्रूटनी के लिए भेजा गया है। टीम की मुहर लगने के बाद एनएचआई 14 किलोमीटर लंबे उत्तरी बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू करेगा।
दिल्ली-आगरा रोड (एनएच-2) को अलीगढ़ रोड (एनएच-93) से जोड़ने के लिए उत्तरी बाईपास की योजना तैयार की गई थी। इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 10 दिसंबर 2016 को थी लेकिन तब से हाईवे अथॉरिटी तीन साल बाद इसकी डीपीआर तैयार कर सकी है। पहली डीपीआर में खामियां निकलने के कारण उसे निरस्त किया जा चुका है।
उत्तरी बाईपास के निर्माण के लिए फरह मथुरा से लेकर रुनकता के आसपास की जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है। उत्तरी बाईपास की डीपीआर दिल्ली की फर्म ने तैयार की है, जिसे तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा गया है। अगले माह से भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किया जाएगा।