एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा ने भ्रष्टाचार, छात्रसंघ चुनाव कराने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने के मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान पत्थर से विश्वविद्यालय के गेट में लगा ताला तक तोड़ दिया गया।
आगरा में एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा ने भ्रष्टाचार की जांच, छात्रसंघ चुनाव कराने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग करते हुए सोमवार को 3 घंटे तक हंगामा किया। प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय के गेट पर चढ़ गए और पत्थर से ताला तोड़ दिया। पुलिस से बहस होने पर नारेबाजी करते हुए कुलसचिव कार्यालय घेर लिया। रास्ता रोककर धरने पर बैठ गए। कुलसचिव को ज्ञापन देकर 24 घंटे में मांग पूरी नहीं होने पर दीक्षांत समारोह का विरोध और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पोस्टर-बैनर लेकर सैकड़ों छात्र करीब एक बजे विश्वविद्यालय के गेट संख्या तीन पर पहुंचे। गार्ड से गेट खोलने के लिए कहा। गेट नहीं खोलने पर गेट पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित छात्रों ने पत्थर से गेट का ताला तोड़ दिया। पुलिस पहुंची और छात्रों को रोका, इस पर तीखी बहस हुई। छात्रों ने जुलूस निकालते हुए कुलसचिव कार्यालय घेर लिया। नारे लगाने लगे।
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव शर्मा और छात्र सभा के विश्वविद्यालय अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि मरम्मत और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार हो रहा है। छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी को चीफ प्रॉक्टर बना दिया गया है। अन्य छात्र संगठनों से उनका व्यवहार सौतेला है।
कहा कि भ्रष्टाचार की जांच, छात्रसंघ चुनाव कराने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन और दीक्षांत समारोह का विरोध करेंगे। प्रदर्शन में सतीश सिकरवार, अमित प्रताप यादव, राजन ठाकुर, अंकुश गौतम, कुलदीप दीक्षित, बलवंत यादव, ओम पंडित, ललित, जितेंद्र, ऋषभ, अजय, शिवम बघेल, मनीष यादव, उत्कर्ष उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
समिति बनाकर कराएंगे जांच
कुलसचिव राजेश कुमार का कहना है कि छात्रों के आरोप और मांगों की जांच कराने के लिए समिति बना रहे हैं। चीफ प्रॉक्टर के एबीवीपी का पदाधिकारी होने की शिकायत पर उनसे स्पष्टीकरण भी मांग रहे हैं।