शुक्रवार को जब छात्रों को इसकी जानकारी लगी तो भड़क गए। सुबह को करीब सवा नौ बजे आगरा-दिल्ली हाईवे पर आ गए और जाम लगा दिया। छात्रों का कहना था कि प्रियांशु की हत्या की गई है और पुलिस हादसा बता रहा है। उसके शरीर पर चोटों के निशान हैं।
छात्र इस मामले में जांच की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने की कोशिश की। मगर छात्र बड़े अधिकारी को बुलाने पर अड़ गए। बाद में एसडीएम और सीओ भी पहुंच गए।
जब पुलिस ने जाम खुलवाने को सख्ती की तो छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के भी पत्थर लगे हैं। बवाल बढ़ने पर पुलिस ने छात्रों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। छात्रों को यूनिवर्सिटी के भीतर तक दौड़ा दिया। गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
पांच गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। हालात बिगड़ते देख कई थानों की फोर्स को बुला लिया गया। संस्कृति यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी छात्रों को समझा बुझाकर शांत किया। इस मामले में 23 नामजद और 50 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा छाता कोतवाली में दर्ज कर लिया गया है।