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ताजमहल में नमाज अदा करने का विरोध, राष्ट्रीय बजरंग दल ने किया पूजा करने का एलान

Thu, 15 Nov 2018 09:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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Taj mahal - फोटो : PTI
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ताजमहल में जुमा के अलावा अन्य दिनों में भी नमाज अदा किए जाने पर राष्ट्रीय बजरंग दल ने विरोध जाहिर किया है। साथ ही एलान किया है कि ताज में पूजा-अर्चना की जाएगी चेतावनी दी है कि अगर ताज में मंगलवार को नमाज पढ़ने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन होगा।
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राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष गोविंद पाराशर का कहना है कि उन्होंने पिछले दिनों ताजमहल में आरती करने की घोषणा की थी। इस पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। अब ताज के अंदर नमाज पढ़ी गई है तो कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? आरती के एलान पर प्रशासन ने कहा था कि हमने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अवहेलना की। 

अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश प्रशासन को क्यों याद नहीं आ रहा है? उन्होंने कहा कि ताजमहल में सुरक्षा के नाम पर इतना खर्च किया जाता है, लेकिन वहां कौन क्या कर रहा है इसकी न तो सुरक्षा कर्मियों को खबर होती है और न ही पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों को। लिहाजा ऐसे लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।
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यह है पूरा मामला

तीन नवंबर को एएसआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर वजू टैंक पर ताला लगा दिया था। साथ ही कह दिया कि ताजमहल में जुमे को छोड़कर किसी और दिन नमाज नहीं होगी। 

इस पर 13 नवंबर ( दिन मंगलवार ) को पांच मुस्लिम टिकट खरीदकर ताज की मस्जिद में गए और एएसआई के आदेश को चुनौती देते हुए नमाज अदा की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके बाद 14 नवंबर को एएसआई ने ताज में नमाज के आदेश का गजट प्रवेश द्वार पर चस्पा कर दिया था।

जुमे को ताजमहल बंद रहता है। आदेश यह है कि इस दिन केवल स्थानीय नमाजी प्रवेश कर अंदर की मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। अगर अन्य दिनों में नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई तो इसकी आड़ में स्थानीय नमाजियों के अलावा अन्य लोग भी नमाज पढ़ेंगे तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना होगी।

मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह कहीं नहीं लिखा है कि ताज के अंदर नमाज केवल जुमा ( शुक्रवार ) को ही पढ़ी जा सकती है। एएसआई सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर रहा है।
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