विश्वविद्यालय की ओर से हर हफ्ते पांच से 10 हजार डिग्री भेजी जा रहीं हैं। बावजूद इसके डिग्री को लेकर छात्र परेशान हैं। काॅलेजों की ओर से शुल्क मांगे जाने की वह विश्वविद्यालय में शिकायत कर रहे हैं। ऐसे में काॅलेजों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर सख्त हिदायत दी गई है।
आगरा में डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की छात्रों को डिग्री वितरण योजना में कई कॉलेज बाधा बन रहे हैं। डिग्री के एवज में छात्रों से शुल्क मांगे जाने की शिकायत विवि के अधिकारियों को मिल रही है। विवि की तरफ से कॉलेज प्राचार्य व निदेशक को डिग्री के बदले शुल्क मांगने पर दंड लगाने की चेतावनी दी गई है।
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छात्रों के हाथों में सीधे डिग्री पहुंचाने का प्रयास विवि की तरफ से किया जा रहा है। हर सप्ताह पांच से दस हजार डिग्री सीधे कॉलेजों में भेजी जा रही हैं। कॉलेजों के माध्यम से छात्रों को डिग्री का वितरण होना है। इस मामले में डिग्री प्रदान करने के लिए कई कॉलेजों में छात्रों से शुल्क मांगा जा रहा है।
यह शिकायत परीक्षा नियंत्रक को मिली है। इससे छात्रों को डिग्री आसानी से नहीं मिल पा रही है। परीक्षा नियंत्रक डॉ.ओम प्रकाश की तरफ से विवि से संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्य और निदेशक को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि छात्रों को बिना देरी के डिग्री प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।
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किसी कॉलेज में डिग्री के बदले शुल्क वसूली की शिकायत मिली, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विवि की तरफ से डिग्री वितरण को लेकर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है।
50 हजार से अधिक डिग्री भेजी जा चुकी
विवि के अधिकारियों का दावा है कि इस योजना के तहत कॉलेज में 50 हजार से अधिक डिग्री भेजी जा चुकी है। विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्री को विवि हर सप्ताह कॉलेजों में भेज रहा है। इससे छात्रों को डिग्री के लिए विवि न आना पड़े। डिग्री वितरण की रिपोर्ट भी कॉलेज से मांगी जा रही है। कई महाविद्यालय यह जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।