छायाप्रति लेकर पहुंचने के बाद भी उसे परीक्षा से वंचित किया गया। उसने अपने स्कूल के प्रधानाचार्य को मामले से अवगत कराया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक से बात की तो दोनों में नोकझोंक हो गई। केंद्र व्यवस्थापक ने परीक्षा में शामिल कराने से इन्कार कर दिया। बाहर बैठा छात्रा काफी देर तक बैठा रोता रहा।
इसके बाद छात्र ने परिजन के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी को केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शिकायती पत्र दिया है। इस मामले में स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज जारुआ कटरा के केंद्र व्यवस्थापक रामबाबू लाल ने बताया कि परीक्षा सुबह 8:30 बजे शुरू हो चुकी थी। छात्र 9:40 बजे केंद्र पर पहुंचा।
नियमानुसार आधे घंटे के विलंब तक परीक्षार्थी को प्रवेश दिया जा सकता है। 9:10 बजे अनुपस्थित छात्रों की सूचना ऑफलाइन और ऑनलाइन भेजी जा चुकी थी। उस समय बीएसए जितेंद्र गोंड सचल दल के साथ निरीक्षण कर चुके थे और अनुपस्थित छात्रों की रिपोर्ट लेकर जा चुके थे। केंद्र व्यवस्थापक ने कहा कि छात्र को प्रवेशपत्र न होने के कारण नहीं रोका गया, बल्कि निर्धारित समय सीमा से अधिक विलंब के कारण रोका गया।
ये हैं नियम
माध्यमिक शिक्षा परिषद के नियमानुसार परीक्षा में आधे घंटे तक देर से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकते हैं। आधे घंटे से ज्यादा लेट आने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। वहीं यदि एक दिन अगर कोई प्रवेशपत्र नहीं लाता है तो शपथ पत्र के साथ उसे एक दिन के लिए अनुमति दी जा सकती है। वहीं डीआईओएस चंद्रशेखर ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी कर केंद्र व्यवस्थापक से बात कर उचित कार्रवाई की जाएगी।