प्रदेश में 1 अप्रैल से सर्किल रेट और संपत्ति मूल्यांकन की एक समान नई व्यवस्था लागू होगी, जिससे स्टाम्प शुल्क की गणना पारदर्शी और सरल बनेगी। कॉर्नर और पार्क फेसिंग प्लॉट की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि होगी, जबकि बड़े बदलाव पर जनता से आपत्तियां भी मांगी जाएंगी।
संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए एक अप्रैल से सर्किल रेट का निर्धारण नए मानक और प्रारूप पर होगा। महानिरीक्षक के निर्देश पर बुधवार से आगरा के 10 उप-निबंधक कार्यालयों में नई व्यवस्था के आधार पर रेट लिस्ट लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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जिले में सात साल के लंबे अंतराल के बाद 18 अगस्त 2025 को सर्किल रेट की नई दरें लागू की गई थीं। हालांकि, मूल्यांकन की पद्धतियों में एकरूपता की कमी देखी जा रही थी। इसी विसंगति को दूर करने के लिए महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने आगरा सहित पूरे प्रदेश में एक समान मानक पर सर्किल रेट और मूल्यांकन सूची लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगी।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार ने बताया कि वर्तमान मूल्यांकन की भिन्न-भिन्न पद्धतियां प्रचलित हैं, जिससे स्टाम्प शुल्क की गणना जटिल हो जाती है। नई व्यवस्था आसान और पारदर्शी होगी। जिन क्षेत्रों में हाल ही में सर्किल रेट का पुनरीक्षण हुआ है, वहां भी दरों को इसी नए प्रारूप में लागू किया जाएगा।
बड़े बदलाव पर मांगी जाएंगी आपत्तियां
सहायक महानिरीक्षक योगेश कुमार के अनुसार यदि नए प्रारूप को अपनाने के कारण पुरानी दरों में कोई बड़ा बदलाव आता है, तो जिलाधिकारी के माध्यम से आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। जनसुनवाई के बाद ही अंतिम दरें निर्धारित होंगी।
नए नियमों से ऐसे बढ़ेंगे दाम
- कॉर्नर प्लॉट: यदि किसी प्लॉट के दो या दो से अधिक दिशाओं में सड़क है, तो सबसे महंगी सड़क की दर के आधार पर गणना होगी और उस पर 15% अतिरिक्त मूल्य बढ़ जाएगा।
- पार्क फेसिंग: आवासीय या व्यावसायिक प्लॉट के सामने पार्क होने पर उसकी कीमत 10% बढ़ जाएगी। यदि प्लॉट पार्क फेसिंग और कॉर्नर का है, तो मूल्य में कुल 25% की वृद्धि होगी।
- कृषि भूमि: कृषि भूमि के मूल्यांकन के लिए सेगमेंट रोड व अन्य सड़कों के आधार पर अलग-अलग गुणांक (फैक्टर) तय किए जाएंगे।
- पेड़ व संसाधन: जमीन के साथ उस पर लगे कीमती पेड़ों (सागौन, शीशम, आम आदि) और बोरवेल, या कुएं का अलग से मूल्यांकन होगा।
- 60 प्रकार के विलेख: नए प्रारूप में गोदनामा, तलाक, दान पत्र, लीज और पावर ऑफ अटॉर्नी सहित कुल 60 प्रकार के दस्तावेज होंगे सूचीबद्ध।
रेट बढ़े तो करेंगे विरोध
सदर तहसील बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद दुबे ने बताया कि नए नियमों से सर्किल रेट बढ़े तो हम इसका विरोध करेंगे। आठ महीने पहले ही रेट लागू किए हैं। आपत्तियों के बाद भी तब विसंगतियों को दूर नहीं किया गया।