विद्युतकर्मियों का कार्य बहिष्कार समाप्त किए जाने से पहले दो दिन तक दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन चला। कर्मचारी न बिल वसूली के लिए गए और न ही फॉल्ट की मरम्मत के लिए। दक्षिणांचल के 21 जिलों में दो दिन में 50 करोड़ के राजस्व की वसूली होती है। अकेले आगरा में करीब 5 करोड़ की वसूली प्रभावित हुई है।
बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति आगरा क्षेत्र संयोजक ओपी गुप्ता ने बताया कि मंगलवार से आफिसर्स संगठन समेत 18 विभागीय संगठन कार्य बहिष्कार के समर्थन में आए।
सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक सिकंदरा स्थित ट्रांसमिशन चीफ इंजीनियर कार्यालय पर कार्य बहिष्कार सभा हुई। पूर्वांचल वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने दिनभर प्रदर्शन किया। गरीब सेना के बाल योगी भी समर्थन देने के लिए पहुंचे। अधीक्षण अभियंताओं में सुबोध कुमार शर्मा, हरीश बंसल, एके रावल, अधिशासी अभियंताओं में पंकज अग्रवाल, ओम प्रकाश, मनोज अग्रवाल, वीके सिंह, संजय उपाध्याय आदि मौजूद रहे।