आगरा में श्रम संगठनों की दो दिवसीय हड़ताल के आखिरी दिन बुधवार को भी 200 बैंक शाखाओं पर असर पड़ा। बैंक के साथ बीमा कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। पांच बैंक संगठनों ने दो दिनी हड़ताल का समर्थन किया था।
हड़ताल के कारण ग्रामीण बैंकों समेत सार्वजनिक क्षेत्र की पांच प्रमुख बैंकों की शाखाओं में लेन देन ठप रहा। बैंक कर्मियों ने एलआईसी बिल्डिंग परिसर में दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रखा। इससे एटीएम में भी कैश की किल्लत हो गई।
प्रदर्शन और सभा में यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के शैलेंद्र झा ने कहा कि केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के कारण बैंकों को नुकसान हो रहा है। आउटसोर्सिंग बढ़ाने के दुष्प्रभाव अब सामने आ रहे हैं। वेतन समझौता लागू नहीं किया जा रहा है। कर्मचारी से लेकर ग्राहक तक सभी परेशान हैं।
आगरा डिवीजन इंश्योरेंस एंप्लाई एसोसिएशन ने भी प्रदर्शन किया। महामंत्री संजय दीक्षित ने कहा कि सरकार की नीतियों से बेरोजगार युवाओं के हौंसले और सपने टूट रहे हैं। अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि पूंजीपतियों के हक में श्रम कानूनों का बदलाव किया जा रहा है। प्रदर्शन में शरद अंतानी, राजीव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
आयकर कर्मचारी महासंघ वर्ग ग के सदस्यों ने दूसरे दिन भी धरना दिया। महासंघ के सचिव संतोष केसरी ने नई पेंशन योजना खत्म कर पुरानी पेंशन योजना शुरू करने, सरकारी पदों पर तुरंत भर्ती करने, अनुकंपा आधारित नियुक्ति के लिए पांच फीसदी की सीमा खत्म करने, दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने की मांग की।