आगरा में यमुना किनारा स्थित आंबेडकर पुल पर दिन में स्ट्रीट लाइटें जलाकर बिजली और सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। दूसरी ओर बिचपुरी रोड पर रात में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से अंधेरा रहता है। ये हाल तब है जब छह दिन पहले ही शासन ने अफसरों को चेताया था। दिन में स्ट्रीट लाइटें जलने पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। सोमवार को गैर जिम्मेदार रवैये की पोल, खुली तो अफसर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए।
दयालबाग एवं स्वामीबाग नगर पंचायत को छोड़कर पांचों नगर पंचायतों में एक हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। अजीजपुर ग्राम पंचायत सदस्य चौ. प्रेम सिंह ने बताया कि किरावली, जगनेर, खेरागढ़ में बिजली की सबसे ज्यादा बर्बादी हो रही है। वहां लाइटों को कोई देखने वाला तक नहीं है। आहरन की प्रधान मनीषा ने बताया कि एत्मादपुर में लाइटें रात में नहीं जलतीं। जिले में सात नगर पंचायत एवं पांच नगर पालिका हैं। इनमें 15 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें हैं।
किसकी लाइटें हैं इसकी जांच कराएंगे। मंडलायुक्त के निर्देश पर पिछले साल मई में लाइटें एचएचएआई को हैंडओवर की गई थीं। दिन में लाइटें जलने नहीं दी जाएंगी। निखिल टी फुंड, नगरायुक्त, नगर निगम
कुछ निकायों की स्थिति खराब है। दिन में लाइट जलने की स्थिति में एक सप्ताह में सुधार नहीं होता है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। कड़ाई से पालन कराने के निर्देश हैं। यशवर्धन श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं प्रभारी अधिकारी निकाय