आगरा में रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और स्कूल परिसर में कुत्तों की आवाजाही बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है।
आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं को जन-सुरक्षा संकट मानते हुए नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इनकी आवाजाही रोकने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत जिला प्रशासन और नगर निकायों को दो सप्ताह के भीतर सभी सरकारी-निजी स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, खेल परिसर, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों की सूची तैयार करनी थी।
रेलवे स्टेशन पर लेटा कुत्ता
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इस सूची में उन परिसरों को चिह्नित किया जाना था जहां आवारा कुत्तों से लोगों को खतरा है। प्रत्येक परिसर में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य की गई थी। हालांकि, फाइलों में कार्ययोजना लागू होने के बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस है। आगरा कैंट, बस अड्डा, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय प्रागंण आदि में कुत्ते घूमते मिल जाएंगे।
रेलवे आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय गौतम ने कहा कि स्टेशन पर कुत्तों के प्रवेश को रोका जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज बीपी अग्रवाल ने बताया कि बस अड्डे के गेट पर कर्मचारी तैनात रहते हैं, फिर भी यदि कुत्तों का प्रवेश बना हुआ है तो इसे दिखवाया जाएगा और रोका जाएगा।