इंटरनेशनल एयरपोर्ट सीधे एक्सप्रेसवे तथा अन्य संपर्क मार्गों से जुड़ेगा। ताकि ताजनगरी के लोगों के साथ-साथ आसपास के शहरों के लोग भी इसका लाभ उठा सकें। पिछले दिनों हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर प्रमुखता से चर्चा हुई।
दिल्ली और जयपुर को छोड़कर आगरा के आसपास इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं है। मथुरा, भरतपुर, धौलपुर, फीरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कासगंज, हाथरस, अलीगढ़ आदि शहरों के हवाई यात्रा करने वाले लोग इन्हीं दोनों शहरों पर निर्भर हैं। ऐसे में ताजनगरी में प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट इन सभी शहरों के लोगों को राहत देगा। मगर, इसके लिए रोड नेटवर्क को मजबूत करना होगा। उच्च स्तरीय बैठक में तय किया गया कि एयरपोर्ट को एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा।
बता दें कि आगरा दो एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से जहां मथुरा, अलीगढ़, नोएडा और दिल्ली कनेक्ट है, वहीं, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से फीरोजाबाद, इटावा, कानपुर और लखनऊ जुड़ेगा। ऐसे में केंद्र और राज्य के उच्च अधिकारियों की मंशा है कि एयरपोर्ट को इन दोनों एक्सप्रेसवे से प्रमुखता से जोड़ा जाए। इसके लिए धनौली, खेरिया मोड़ से लेकर ईदगाह, माल रोड और फतेहाबाद रोड को दुरुस्त करना होगा। हालांकि फतेहाबाद रोड को चौड़ा करने के लिए प्रदेश सरकार पहले ही हरी झंडी दे चुकी है।
इसके अलावा प्रदेश सरकार ने हवाई उड़ानों को 24 घंटे संचालित होने के लिए एयरफोर्स से सहमति मांगी है। कहा है कि आपातकालीन स्थिति को छोड़कर सामान्य उड़ानों के लिए हर वक्त हरी झंडी मिलनी चाहिए।
जमीन के लिए सर्वे जारी
इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सिविल एन्क्लेव के लिए शेष जमीन के अधिग्रहण को लेकर प्रशासन सर्वे करा रहा है। इसमें बल्हेरा, अभयपुरा और धनौली गांव में सर्वे कार्य जारी है। इन गांवों की जमीन पर ट्यूबवेल, मकान, बिल्डिंग, कॉमर्शियल भवन, कृषि क्षेत्र आदि चिह्नित किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रशासन की टीम के अलावा सिंचाई, पीडब्ल्यूडी और जल निगम की टीम लगी हुई है।
सोमवार तक पूरा होगा सर्वे
एडीएम (भू.अ.) नगेंद्र शर्मा का कहना है कि सर्वे सोमवार तक पूरा हो जाएगा। पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद ही जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा।