ताजनगरी आगरा में 20 मिनट के तूफान ने जमकर तबाही मचाई। इस दौरान शहर की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। डीवीवीएनएल के 250 से अधिक खंभे टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित रही, तो वहीं शहरी क्षेत्र में चार घंटे तो कहीं 10 घंटे बाद बिजली आई।
आगरा में रविवार शाम पांच बजे आए 20 मिनट के तूफान से विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गई। शहर में कहीं चार घंटे तो कहीं 10 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। देहात में तो और बुरा हाल रहा। तूफान से डीवीवीएनएल (दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) के 250 से अधिक खंभे टूट गए, इस वजह से सोमवार रात तक 11 केवी लाइनें शुरू नहीं हो सकी थीं।
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जिले में बिजली आपूर्ति दो हिस्सों में बंटी है। शहर में निजी कंपनी टोरंट पावर व देहात में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम बिजली आपूर्ति करता है। रविवार शाम को 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आए तूफान से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। शहर के कुछ इलाकों में रात नौ बजे बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। मारुति एस्टेट क्षेत्र में रात 12 बजे आपूर्ति शुरू हो सकी। जयपुर हाउस, लोहामंडी में रात 11 बजे बिजली आई। सुभाष नगर में रात तीन बजे आपूर्ति शुरू हो सकी।
टूट गए 250 से अधिक बिजली के खंभे
दूसरी तरफ डीवीवीएनएन से पोषित इलाकों में हाहाकार मचा रहा। अधीक्षण अभियंता सुबोध शर्मा के मुताबिक सिकंदरा, कमला नगर के अलावा खेरागढ़, फतेहाबाद व अन्य क्षेत्रों में 250 से अधिक बिजली खंभे टूट गए। रातभर टूटे खंभों व तारों की मरम्मत के बाद आपूर्ति के प्रयास होते रहे। सोमवार देर रात सभी 33 केवी की लाइनों से आपूर्ति बहाल करने का दावा डीवीवीएनएल ने किया है। कई गांवों में 11 केवी की लाइनें एक दिन बाद भी शुरू नहीं हो सकी हैं।
मरम्मत कार्य जारी
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि सोमवार को भी नुकसान का आकलन पूरा नहीं हो सका है। क्षतिग्रस्त खंभों व लाइनों की मरम्मत कार्य जारी है। जैसे-जैसे लाइनों की मरम्मत कार्य पूर्ण हो रहे हैं आपूर्ति बहाल की जा रही है।