आगरा। किरावली में पूछताछ के दौरान पीट-पीटकर किसान के पैर तोड़ने का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था। अब छत्ता थाने की जीवनी मंडी पुलिस चौकी में चौकी प्रभारी ने दूध विक्रेता को बेरहमी से पीटा। उसके पैरों पर डंडे तोड़े और नाखून तक उखाड़ लिया। रुपये और मोबाइल छीनकर उस पर शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की। उसका दोष सिर्फ इतना था कि वह भाई के टेंपो पर बैठा था और उसे टेंपो चलाना नहीं आता था। जबकि उससे टेंपो थाने लेकर चलने को कहा जा रहा था।
न्यायालय से शुक्रवार को जमानत के बाद पीड़ित ने अपने रिश्तेदार भाजपा नेता के साथ डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत की। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। सैंया के वीरई गांव के नरेंद्र कुशवाह अपने बड़े भाई धीरज के साथ टेंपो से आगरा में आकर घर-घर जाकर दूध बेचते हैं। टेंपो धीरज चलाते हैं, नरेंद्र को टेंपो चलाना नहीं आता।
नरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को रोज की तरह भाई के साथ दूध बांटने छत्ता के जीवनी मंडी चौकी क्षेत्र के गरीब नगर आए थे। धीरज उन्हें टेंपो में छोड़कर घरों में दूध देने चले गए। पूर्वाह्न 11 बजे के करीब वहां जीवनी मंडी चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार किसी झगड़े की सूचना पर पहुंचे। उन्होंने झगड़ा करने पर कुछ युवकाें को पकड़ा और उनके पास आकर टेंपाे में युवकों को बिठाकर थाने ले चलने के लिए कहा। उसने बताया कि वह टेंपो चलाना नहीं जानता। इस बात पर वह भड़क गए। पिटाई करते हुए उसे जीवनी मंडी चौकी लाया गया।
आरोप है कि वहां चौकी प्रभारी ने पहले जमीन पर गिराकर पीटा। इसके बाद सिपाहियों से पैर के तलवे पर डंडे बरसवाए। दो डंडे पैर पर मारने से टूट गए। दरोगा ने पैर का नाखून उखाड़ दिया। वह गिड़गिड़ाता रहा लेकिन किसी को दया नहीं आई।
आरोप है कि इसके बाद चौकी इंचार्ज ने उसका मोबाइल और जेब में रखे 1800 रुपये छीन लिए। टेंपों में उन्हें डालकर थाने पहुंचाया और शांतिभंग में चालान कर दिया। भाई ने परिचित रिश्तेदार भाजपा नेता प्रेम सिंह कुशवाह को जानकारी दी। उन्होंने पुलिस लाइन से जमानत कराई। आरोप है कि जब वह टेंपो, मोबाइल और रुपये वापस लेने थाने गए तो मोबाइल और रुपये वापस नहीं किए गए।
गौरव राठी को बनाया प्रभारी
शनिवार को डीसीपी सिटी से शिकायत पर कार्रवाई की गई। उनकी जगह गौरव राठी को चौकी का प्रभारी बनाया गया है। उधर, नरेंद्र कुशवाह ने बताया कि बड़े भाई धीरज जब दूध बांट कर लौटे तो उन्होंने पुलिसकर्मियों को उन्हें घसीटते हुए ले जाते देखा। बाहर खड़े होकर वह चीखें सुनते रहे। रिश्तेदाराें और परिचितों को फोन कर मदद मांग रहे थे। तब तक पुलिस ने उनका चालान कर दिया।
एसीपी को दी गई जांच
प्रारंभिक जांच में चौकी प्रभारी की भूमिका सही नहीं मिली है। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। एसीपी छत्ता को अन्य पुलिसकर्मियों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- सैयद अली अब्बास, डीसीपी सिटी