एसटीएफ एसपी राकेश यादव का कहना है कि बीएएमएस कॉपियां बदलने की जांच शुरू करने के बाद एमबीबीएस में भी कॉपियां बदली मिली हैं। अभी अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।
आगरा के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएएमएस की कॉपियां बदलने की जांच कर रही एसटीएफ ने एमबीबीएस की कॉपियां बदलने का खेल भी पकड़ लिया है। अब एमबीबीएस की कॉपियां बदलने के मामले में एसटीएफ ने तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाई है। अभी सभी कॉपियां का मिलान बाकी है। इसके बाद पूरी रिपोर्ट बनने पर संदिग्ध कॉलेज संचालक और छात्रों से पूछताछ की जाएगी।
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एसटीएफ ने मेडिकल की करीब 5000 मार्कशीटों का आकलन कर रही है। इसमें छात्रों के एमबीबीएस की चारों साल की उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं। इसमें एसटीएफ को कॉपियां बदली मिली हैं। हस्तलेखन भी अलग-अलग मिला है। दो निजी मेडिकल कॉलेजों के मामले अभी पकड़ में आए हैं। इन तीनों बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाई है। 2020, 2021 और 2022 में विश्वविद्यालय में परीक्षा देते वक्त पकड़े गए हाईटेक नकलचियों की भी सूची बनाई है। इनसे भी पूछताछ की जाएगी। एसटीएफ एसपी राकेश यादव का कहना है कि बीएएमएस कॉपियां बदलने की जांच शुरू करने के बाद एमबीबीएस में भी कॉपियां बदली मिली हैं। अभी अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।
विश्वविद्यालय में कॉपियां बदलने वाले गैंग का पूरी तरह से पर्दाफाश करने के लिए जांच कर रही है। अभी मेडिकल मामलों की ही जांच चल रही है। इसके बाद इंजीनियरिंग की कॉपियां भी जांच की जद में आने वाली हैं। इसके लिए एसटीएफ की विशेष टीम भी लगाई जा रही है।