स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) मेरठ और मैनपुरी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से करीब दो कुतंल से अधिक गांजा बरामद किया। इस दौरान दो तस्करों को तमंचा और कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया।
बृहस्पतिवार को एएसपी ने प्रेसवार्ता करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बरामद गांजी की कीमत लगभग 40 लाख रुपये आंकी गई है। गांजा कटक (ओडिशा) से फिरोजाबाद ले जाया जा रहा था।
अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि एसटीएफ मेरठ को बुधवार शाम सूचना मिली थी कि एक ट्रक कटक (ओडिशा) से गांजा की बड़ी खेप लेकर फिरोजाबाद के लिए आ रहा है। इस सूचना पर टीम ने पीछा करना शुरू कर दिया।
ट्रक में रखा 204 कुतंल गांजा
ट्रक का पीछा करते हुए मेरठ एसटीएफ मैनपुरी तक आ पहुंचीं। यहां कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई के करते हुए भांवत चौराहा पर चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोका गया।
ट्रक में सवार दो लोगों ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने पकड़ लिया। तलाशी के दौरान ट्रक से छह बड़ी बोरियों में करीब 204 कुतंल गांजा बरामद हुआ। एएसपी ने गांजा की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई।
पकड़े गए युवकों ने अपने नाम सुनील कुमार निवासी गांव गीगना थाना एका फिरोजाबाद और सत्यपाल सिंह निवासी रामनगर थाना निधौली जनपद एटा बताया है। इसके कब्जे से तमंचा कारतूस और नकदी भी बरामद हुई है।
फोन पर होता है सौदा
तस्कर लाखों का माल इधर से उधर करते हैं, लेकिन यह सब कौन करा रहा है, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं होती। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने बताया कि सिर्फ तय किए हुए रुपये मिलने तक ही इनका काम सीमित होता है।
बताए हुए ठिकाने पर माल का मिल जाना और फोन पर दिए गए पते पर माल पहुंचने के आदेश देने वाले का नंबर भी काम पूरा होने के बाद बंद हो जाता है। तस्कर माल को एक निर्धारित स्थान पर छोड़ देते हैं। वहां उन्हें काम का रुपया मिल जाता है।