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UP: झोलाछाप की पुड़िया में क्या है? खांसी-जुकाम और जोड़ के दर्द में दे रहे ऐसे स्टेरॉयड; इन बीमारियों का खतरा

Thu, 02 Jan 2025 11:59 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

जोड़े में दर्द, खांसी-जुकाम और बुखार में झोलाछाप ऐसे स्टेरॉयड पुड़िया में दे रहे हैं, जो किडनी-लिवर पर सीधा असर करते हैं। इनसे मुंहासे, शरीर पर बाल आने  और मधुमेह का खतरा बढ़ रहा है।

 
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फर्जी डॉक्टर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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घुटनों के दर्द, भूख बढ़ाने, खांसी-जुकाम और बुखार में झोलाछाप स्टेरॉयड की पुड़िया से इलाज कर रहे हैं। लंबे समय तक उपयोग से किडनी-लिवर फेल होने, मधुमेह-ऑस्टियोपोरोसिस और हार्मोंस गड़बड़ाने का खतरा तीन गुना है। स्वास्थ्य विभाग के छापे में झोलाछाप के यहां काफी मात्रा में स्टेरॉयड बरामद हुए हैं।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि बीते दो महीने में 50 से अधिक झोलाछाप पकड़े हैं। इनके यहां से स्टेरॉयड, एंटीबायोटिक समेत अन्य कई तरह की दवाएं और इंजेक्शन मिले। ये जोड़ दर्द, भूख बढ़ाने, वजन बढ़ाने और जुकाम-खांसी, बुखार उतारने में प्रयोग कर रहे थे। झोलाछाप इनको पीसकर पुड़िया बनाकर मरीजों को देते हैं।


 

झोलाछाप से पूछताछ में पता चला कि मरीजों को दिन में दो-तीन बार पुड़िया खाने की सलाह देते हैं। इससे आराम मिलने पर मरीज संबंधित झोलाछाप से ही इलाज कराते हैं। स्टेरॉयड का इस्तेमाल अति गंभीर मरीज का जीवन बचाने के लिए अंतिम विकल्प के तौर पर किया जाता है। लंबे समय तक उपयोग से अन्य दवाओं का असर भी कम होने लगता है। त्वचा, पेट और हार्माेंस संबंधी बीमारियों का खतरा भी है। ऐसे में मरीज झोलाछाप के यहां इलाज से बचें। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज में निशुल्क इलाज का लाभ उठा सकते हैं।

 

किडनी फेल के मिल रहे मरीज
एसएन मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि झोलाछाप जोड़-घुटनों के दर्द के लिए स्टेरॉयड और पेन किलर समेत तीन दवाओं का मिश्रण बनाकर मरीजों को देते हैं। ये लिवर और किडनी पर सीधे प्रभाव डालता है। ऐसे में किडनी-लिवर फेलियर के मरीज भी आ रहे हैं। पेट में संक्रमण और हार्मेांस गड़बड़ाने से अनचाहे बाल और शारीरिक बदलाव भी होने का खतरा रहता है।

 
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खांसी-जुकाम और बुखार में भी दे रहे स्टेरॉयड
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि झोलाछाप बुखार-खांसी और दर्द में भी स्टेरॉयड दे रहे हैं। इससे मरीज को तत्काल राहत मिलती है। वहीं इससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, मांसपेशी कमजोर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस के अलावा कूल्हे की हड्डी भी गलने लगती हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
 
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