अदालत ने निर्णय के लिए 19 फरवरी तय कर दी। वादीगणों ने बताया कि हमारी अमीन कमीशन बनाने की मांग इसलिए है कि आज भी शाही मस्जिद ईदगाह में वह अवशेष बाकी हैं, जो वहां पर मंदिर होने का प्रमाण देते हैं। दीवारों पर श्रीकृष्ण तथा उनसे संबंधित कुछ पच्चीकारी (चित्र) आदि चिन्ह आज भी मौजूद हैं। अमीन कमीशन से केस के लिए तथ्य जुटाने में आसानी होगी।
ठाकुर केशवदेव के सेवायत का दावा भी हो चुका है दर्ज
एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह के अलावा चार फरवरी को ठाकुर केशवदेव मंदिर के सेवायत पवन कुमार शास्त्री का मामला भी अदालत में दर्ज हो चुका है। उनके द्वारा भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित कटरा केशवदेव की 13.37 एकड़ जमीन पर मालिकाना हक का दावा किया गया है।
सबसे पहले अदालत में दावा दाखिल करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के दावे के दर्ज होने या न होने पर जिला जज की अदालत में सुनवाई चल रही है। वहीं हिंदू आर्मी के चीफ मनीष यादव के दावे पर दर्ज होने न होने पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस संबंध में अदालत का निर्णय आना बाकी है।