केस-1 जयपुर हाईवे पर टाटा गेट के पास 3 अगस्त को हादसा हो गया था। शाहगंज पुलिस मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु करा रही थी। इस दौरान पथौली की तरफ से तेज रफ्तार में बस आ गई। बस ने बस ने एक दरोगा और दो सिपाहियों को चपेट में ले लिया। सिपाही रोहित यादव के सिर में गंभीर चोट लगने के साथ पैरों के ऊपर से बस का पहिया निकल गया था। उन्हें इलाज के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। 14 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
केस-2 सिकंदरा थाना क्षेत्र में हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर 26 अगस्त को तेज रफ्तार टैंकर ने स्कूटी सवार दंपती को टक्कर मार दी। टैंकर की चपेट में आने से मथुरा के थाना कोतवाली स्थित होली गेट निवासी रुबीना (40) की मौत हो गई थी। उनके पति बशीरुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दंपती दयालबाग शिक्षण संस्थान में पढ़ रही बेटी अनम से मिलकर घर जा रहे थे।
पुलिस कर रही रोजाना 1519 वाहनों के चालान
यातायात पुलिस ने जुलाई और अगस्त में इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर आधुनिक कैमरों की मदद से 1,71,105 वाहनों के चालान किए हैं। इनमें से 1,63,315 बिना हेलमेट, दाेपहिया वाहन पर तीन सवारी के 6620, बिना सीटबेल्ट 345, रेडलाइट जंप के 570 और ओवरस्पीड के 255 चालान किए। ओवरस्पीड के 255 हुए चालानों में भी सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे पर हुए चालान हैं। इस साल 28 अगस्त तक 5,54,475 कुल वाहनों के चालान हो चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2023 में बिना हेलमेट के 1.15 लाख और 2024 में 4.78 लाख चालान किए गए।
डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि दोपहिया वाहन चलाते समय अच्छी गुणवत्ता के हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए। आईएसआई मार्का होना चाहिए। पहनने के बाद बेल्ट भी जरूर लगाकर रखें। मोबाइल पर बात नहीं करनी चाहिए। पुलिस लगातार चालान की कार्रवाई कर रही है। ओवरस्पीडिंग के चालान शहर के साथ ही एक्सप्रेस-वे पर भी काटे जा रहे हैं। स्पीड रडार से कार्रवाई की जाती है। लोग वाहनों को निर्धारित गति में ही चलाएं।