आगरा के दयालबाग में तेज रफ्तार कार खोखे में घुस गई, जिससे 4 साल के बच्चे की मौत और बहन गंभीर घायल हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने थाने पर शव रखकर हंगामा किया, पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लिया।
आगरा के दयालबाग स्थित वीर नगर में शुक्रवार दोपहर 1:30 तेज रफ्तार कार की टक्कर से खोखे में बैठे 4 वर्षीय बालक की मौत हो गई। 6 वर्षीय बहन गंभीर घायल हो गई। भीड़ ने कार चालक और उसके 2 साथियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। देर रात 11:15 बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को थाना न्यू आगरा में रखकर हंगामा कर दिया। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर परिजन को काॅपी दी तब वह शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
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घटना शुक्रवार दोपहर की है। मूल रूप से सदर के गोपालपुरा निवासी छोटू कुमार और उनकी पत्नी रूबी करीब एक वर्ष से अपनी नानी बैकुंठी देवी और नाना गोकुल चंद के साथ वीर नगर में किराए पर रहते हैं। दोनों जूता फैक्टरी में काम करते हैं। नाना-नानी घर के पास ही पुलिया किनारे खोखे में गुटखा और अन्य सामान बेचते हैं। छोटू ने बताया कि दोपहर में नानी खोखे पर बैठी थीं। उनके साथ ही बेटा प्रदीप और बेटी स्नेहा उर्फ इशनिया खोखे पर आ गए। दोनों पास रखे पत्थर पर बैठे थे। तभी वीरी सिंह कॉलेज की तरफ से तेज रफ्तार कार आई। पुलिया पर मोड़ते समय चालक राहुल वर्मा उर्फ टुंडा, निवासी बसेरा एन्क्लेव कार को संभाल नहीं सका। खोखे में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बच्चे घायल हो गए। इनमें से प्रदीप की मौत हो गई। स्नेहा की हालत गंभीर है।
कार में मिली बीयर की केन
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि चालक राहुल के साथ कार में राजेश और जीतू भी थे। तलाशी में बीयर के केन मिले हैं। चालक के नशे में कार चलाने की आशंका पर मेडिकल कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी। परिजन का आरोप है कि चालक और उसके साथी कार में पार्टी कर रहे थे।
भाई का ख्याल रखती थी बहन
छोटू के भाई अनिल ने बताया कि दोनों बच्चों का इसी माह निजी स्कूल में एडमिशन कराया था। प्रदीप का स्नेहा बहुत ख्याल रखती थी। वह सुबह उठने के बाद पहले खुद स्कूल के लिए तैयार होती थी। इसके बाद भाई को तैयार करती थी। भाई का बैग लेकर जाती थी।
किसी के घर नहीं जला चूल्हा
हादसे में बेटे की मौत से पिता छोटू का हाल बेहाल है। वह बोलते-बोलते रोने लगते थे। हादसे के बाद मोहल्ले में किसी के घर चूल्हा नहीं जला। लोगों ने बताया कि सामान लेने जाने पर प्रदीप खोखे पर परनानी-परनाना के साथ बैठा मिलता था। बहुत प्यार से बोलता था। मां रूबी कई बार रोते-रोते बेहोश हो गई। सदमे में आई बच्ची बार-बार भाई के बारे में पूछ रही है।