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सड़कों पर बेकाबू रफ्तार: कमरे में बंद  पुलिस के स्पीड रडार, बेलगाम दौड़ रहे ट्रक-ट्रॉला; जान के लिए बने खतरा

Sun, 04 Oct 2026 03:32 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

भारी वाहनों को शहर से बाहर निकालने के लिए मथुरा के रैपुरा जाट से खंदौली तक उत्तरी बाईपास बनाया गया है। लेकिन इस बाईपास और यमुना एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स लगने के कारण चालक टोल बचाने के लिए अपनी गाड़ियां सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से निकालते हैं। 
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हाईवे पर दाैड़ते वाहन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शहर की सड़कें हों या बीच से गुजर रहा नेशनल हाईवे, हर जगह यातायात का बुरा हाल है। एमजी रोड से लेकर एनएच-19 तक ऐसा कोई रास्ता नहीं बचा, जहां से निकलना मुश्किल न हो। शहर के बीच दौड़ते तेज रफ्तार भारी वाहन और बेलगाम ऑटो न सिर्फ जाम लगा रहे हैं बल्कि लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं। पुलिस अफसरों का इन पर ध्यान नहीं है। आरोप है कि वह एसी कमरों में बैठकर प्लान बना रहे हैं और जनता सड़क पर बेहाल है।
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रफ्तार पर ब्रेक लगाने में नाकाम
यातायात पुलिस ने वाहनों पर लगाम लगाने के लिए पांच स्पीड रडार खरीदे हैं। ये कमरों में बंद हैं। नियम के मुताबिक, आगरा से नोएडा जाने वाले यमुना एक्सप्रेस-वे पर चार पहिया वाहनों की अधिकतम गति 100 किमी/घंटा और लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर 120 किमी/घंटा तय है। एनएच-19 पर भी यह सीमा 100 किमी/घंटा है, जबकि शहर की सीमा में यह 50-60 किमी/घंटा होनी चाहिए। हालांकि, पुलिस के इंटरसेप्टर होने के बावजूद वाहनों की रफ्तार कम नहीं हो रही है।

चौराहों की हकीकत: वसूली और अनदेखी
सिकंदरा चौराहे पर हर तरफ ऑटो और अन्य वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं। लोगों का आरोप है कि बूथ पर बैठे यातायात पुलिसकर्मी सिर्फ तमाशा देखते हैं लेकिन इन बेलगाम वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। वाटरवर्क्स से रामबाग तक बीच सड़क पर सवारियां भरते ऑटो, बस और डग्गामार वाहन आम बात हैं। चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों का ध्यान व्यवस्था सुधारने के बजाय कथित वसूली पर रहता है, जबकि पास से गुजरते तेज रफ्तार ट्रक और ट्रोले राहगीरों की जान जोखिम में डालते हैं।
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टोल बचाने के चक्कर में बांट रहे मौत
सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के.सी. जैन ने बताया कि भारी वाहनों को शहर से बाहर निकालने के लिए मथुरा के रैपुरा जाट से खंदौली तक उत्तरी बाईपास बनाया गया है। लेकिन इस बाईपास और यमुना एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स लगने के कारण चालक टोल बचाने के लिए अपनी गाड़ियां सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से निकालते हैं। जिला प्रशासन की बैठकों में यह मुद्दा कई बार उठने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

समस्या है तो नंबर मिलाएं
यदि आपके इलाके में भी ट्रैफिक या जाम से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप अमर उजाला रिपोर्टर के मोबाइल नंबर 7906877703 पर कॉल कर अपनी बात रख सकते हैं।

 एनएच-19 पर इंटरसेप्टर लगातार चालान काट रहा है। हर चौराहे पर टीएसआई, सिपाही और होमगार्ड तैनात रहते हैं। उत्तरी बाईपास का एक हिस्सा अधूरा होने के कारण वहां वाहनों का दबाव कम है, जिसे ठीक कराने के लिए संबंधित विभाग को अवगत कराया गया है। लापरवाही मिलने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - अलका सिंह, एडीसीपी, ट्रैफिक
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