पूर्व पर्यटन मंत्री जगमोहन ताजमहल में (फाइल फोटो)
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पूर्व केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जगमोहन के निधन पर ताजनगरी के पर्यटन और संस्कृति से जुड़े लोगों ने उन्हें याद किया। जगमोहन ने ही पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री रहते हुए ताजमहल और आगरा किला के बीच जून, 2003 में बसपा सरकार में बनाए जा रहे ताज हेरिटेज कॉरिडोर का निर्माण कार्य रुकवाया था। वह दिल्ली से विशेष रूप से कॉरिडोर का कार्य रुकवाने आगरा आए थे, जिसके बाद ही तत्कालीन मायावती सरकार गिर गई थी।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में जगमोहन 2001 से 2004 तक संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री रहे। इस दौरान बसपा सरकार ने 175 करोड़ रुपये की लागत से हेरिटेज कॉरिडोर प्रोजेक्ट शुरू कराया, जिसे एएसआई और सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना बनाया जा रहा था। होटल एंड रेस्टोरेंट एसो. अध्यक्ष राकेश चौहान बताते हैं कि जगमोहन ने दोपहर में आगरा आकर ताजमहल के पास बन रहे हेरिटेज कॉरिडोर का काम रुकवाया। सर्किट हाउस में उन्होंने एसएसपी और डीएम को तब फटकार लगाई थी।
शिल्पग्राम को फैसिलिटी सेंटर बनवाया
पूर्व संस्कृति मंत्री जगमोहन ने ही ताजमहल आने पर शिल्पग्राम को फैसिलिटी सेंटर के रूप में तैयार करने और ताजमहल पूर्वी गेट रोड को संवारने का काम शुरू कराया। टूरिज्म गिल्ड उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना के मुताबिक आगरा किला को दिल्ली के लाल किले की तर्ज पर सेना से खाली कराने और किले के बंद हिस्सों को पर्यटकों के लिए खोलने के प्रस्ताव पर वह तुरंत तैयार हो गए थे। एप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमसुद्दीन के मुताबिक वह स्पष्ट निर्णय तुरंत लेते थे। शिवाजी की कथित जेल, रतन सिंह की हवेली, मीना बाजार का संरक्षण और इनको पर्यटकों के लिए खोलने के लिए आदेश दिए थे।