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खास खबर- शतायु पार करने वाले 25 हजार पौधों के रोपण पर है विशेष जोर

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कासगंज। जिले में 21 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इस पौधरोपण में लंबी आयु के पौधों के रोपण पर विशेष कार्य योजना वन विभाग ने बनाई है। पीपल और बरगद के पौधे बड़े और घने पेड़ के रूप में शतायु पार का जीवन जीते हैं। गूलर और पिलखन के पौधे शतायु जीवन जीने वाले हैं। जामुन, देशी आम, नीम, महुआ और शीशम के पौधों की भी आयु लंबी रहती है।
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वन विभाग ने 21 लाख पौधों के रोपण के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है। पौधरोपण के लिए ग्रामीण इलाकों में गड्ढों की खोदाई का काम भी चल रहा है। जिससे समय से पौधरोपण किया जा सके। जिले में लंबी आयु जीने वाले पीपल, बरगद, गूलर, पिलखन के करीब 25 हजार पौधे जिले में अलग-अलग स्थानों पर रोपित किए जाएंगे। इन पौधों का रोपण योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे यह अपनी पूरी आयु पा सकें। इन पौधों में काफी औषधीय गुण होते हैं। पौधरोपण के 50 फीसदी लक्ष्य में देशी आम, जामुन, नीम, महुआ, खैर(कत्था), शीशम, कदम प्रजाति के पौधे रोपित होंगे। इसके अलावा गुलमोहर, सेमल, आंवला, सहजन सहित अन्य प्रजातियों के पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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प्रमुख विभागों का पौधरोपण लक्ष्य-
कृषि विभाग- 157248
ग्राम्य विकास- 81880
वन विभाग- 715920
पंचायती राज- 93240
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जिले में लंबी आयु के पौधे रोपित किए जाएंगे। करीब 25 हजार पौधे पीपल, बरगद, गूलर और पिलखन के रोपित होंगे। पीपल और बरगद के पेड़ों की आयु सौ वर्ष से अधिक होती है। जबकि गूलर, पिलखन जैसे पौधे भी शतायु तक पहुंचते हैं। अच्छी प्रजाति और लंबी आयु के पौधे रोपित होने का लक्ष्य रखा गया है- दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।
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हरा भरा नजर आएगा तहसील परिसर
पटियाली। तहसील परिसर शीघ्र ही हरा भरा नजर आए। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष सफाई कराई जा रही हैं और झाड़ियों को कटवाया जा रहा है। इसके बाद परिसर में फूलों एवं छायादार पौधे रोपित किए जाएंगे। जिससे परिसर में हरियाली रहेगी। वहीं परिसर की सुंदरता भी बढ़ जाएगी। उपजिलाधिकारी रवेंद्र कुमार ने बताया कि तहसील परिसर में मजदूरों को लगाकर सफाई कराई जा रही है। झाड़ियों के हटने के बाद पोधों का रोपण किया जाएगा। छायादार पौधो के बड़े होने पर यहां पहुंचने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
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