दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की खेप के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वह उत्तर प्रदेश के आगरा में में भी नकली नोटों की सप्लाई करते थे। मगर, पूर्व में आगरा में नकली नोटों तैयार करने वाले से लेकर सप्लायर तक पकड़े जा चुके हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किए आसिफ अली (27) ने 12वीं की पढ़ाई बदायूं के स्कूल में की थी। वर्ष 2013 में पास होने के बाद उझानी में यूनानी डॉक्टर के साथ काम करना शुरू किया और दवाओं के बारे में जानकारी ली। वर्ष 2016 में पैतृक गांव में लोगों को दवा देनी शुरू की, लेकिन ज्यादा कमाई के लिए नोट छापकर सप्लाई करने लगा।
दानिश (24) बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसन एंड सर्जरी (बीयूएमएस) की पढ़ाई कर रहा है। पड़ोसी गांव में रहने के कारण उसकी आसिफ से गहरी दोस्ती हो गई। वह छपाई के लिए कागज, स्याही और डाई सहित कच्चा माल खरीदता था। वहीं, सरताज (25) ने 2014 में स्कूली पढ़ाई बंद कर दी और गांव में कंप्यूटर की दुकान खोल ली। चार साल पहले गांव में सीएससी सेंटर खोल लिया। बाद में आसिफ व दानिश के साथ अपनी सीएससी दुकान पर नोटों की स्कैनिंग आदि करने लगा। आरोपी ने सहसवान में एक परिसर किराए पर ले लिया।