आगरा के एत्मादपुर से भाजपा विधायक रामप्रताप सिंह चौहान के खिलाफ और योगी सरकार को हिलाने की साजिश करने का मुख्य आरोपी काले खां शुक्रवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस की पूछताछ में उसने खुद को समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता बताया। एक संस्था के पदाधिकारी के घर पर बैठक कर उसने पूरी योजना बनाई थी। इसका ऑडियो वायरल होने पर मामले का खुलासा हुआ।
सीओ छत्ता रीतेश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी काले खां प्रकाश नगर का रहने वाला है। वो परचून की दुकान चलाता है। वो पीड़ित किशोरी के परिवार का परिचित है।
ऐसे रची थी साजिश
पूछताछ में पता चला कि सपा कार्यकर्ता रहीश और आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के जिलाध्यक्ष इदरीश के साथ पूरी योजना बनाई थी। इदरीश के घर पर बैठक की थी।
उन्होंने पीड़ित के घरवालों से भी बात की थी। आरोपियों की योजना थी कि भाजपा विधायक का नाम लेंगे तो पैसा मिलेगा। बैठक में दो और लोग शामिल थे। सभी लोग होर्डिंग लगवाने वाले थे।
मगर, उससे पहले ही उनका ऑडियो वायरल हो गया। इस पर हॉर्डिंग नहीं छप सके थे। पुलिस ने 10 दिन पहले रहीश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद काले खां का नाम सामने आया था।
यह था मामला
अन्य लोगों के भी नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में इदरीश और रहीश के खिलाफ चौथ वसूली और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
एत्माद्दौला क्षेत्र की एक किशोरी के अपहरण के मामले में 16 अप्रैल को मुकदमा दर्ज हुआ था। 21 अप्रैल को किशोरी बरामद हुई थी। उसने दुष्कर्म का आरोप एक युवक पर लगाया। पुलिस ने युवक को भी गिरफ्तार किया था।
उसके परिजनों ने बताया था कि अगवा करने के बाद कार सवार युवक किसी विधायक से फोन पर बात करते थे। युवक क्षेत्रीय विधायक के गुर्गे थे। इस मामले की शिकायत आगरा आए सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव से शिकायत की गई :थी।
49 मिनट का था ऑडियो
मामले में एक ऑडियो सामने आया। इसमें एक व्यक्ति कह रहा था कि अगर विधायक को फंसाना है तो एकजुट होना पड़ेगा। ऑडियो में दूसरा व्यक्ति कह रहा था कि मीडिया को जितना छापना था छाप लिया। अब जनता में जाना पड़ेगा।
'उन्नाव का विधायक फंस गया, अब एत्मादपुर के विधायक को भी फंसाना है। जब फंसेगा तो समझौते के लिए एक के दो देगा।' 49 मिनट के ऑडियो में शहर में 10 स्थानों पर विधायक के फोटो के साथ होर्डिंग लगाने के साथ राज्य सरकार को हिलाने की बात थी।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी इदरीश चुनाव लड़ चुका है। वो पेशे से अधिवक्ता भी बताया जाता है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।