समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राणा सांगा पर अमर्यादित टिप्पणी के मामले में विशेष मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह की अदालत में उनके खिलाफ परिवाद प्रस्तुत किया गया है।
मंगलशिला अपार्टमेंट, दयालबाग, थाना न्यू आगरा निवासी कुलदीप कुमार सिंह ने परिवाद में बीएनएस की धाराओं की पेशकश की गई। पैरवी के लिए कोर्ट में काफी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे। कुलदीप कुमार ने कहा है कि 21 मार्च 2025 को विपक्षी रामजीलाल सुमन ने संसद सत्र के दौरान समस्त हिंदुओं की भावना को आहत करते हुए हमारे पूजनीय पूर्वज (राणा सांगा) को अपमानजनक रूप से झूठे लांछन लगाते हुए अपशब्द गद्दार कहकर उनकी ख्याति को नुकसान पहुंचाया।
कहा कि सभी अनुयायियों को गालियां देते हुए गद्दार की औलाद कहा। बिना सत्यता पता किए ऐसा वक्तव्य दिया गया। कुलदीप कुमार ने महाराजा संग्राम सिंह उर्फ राणा सांगा का परिचय अदालत में प्रस्तुत किया। बताया कि राणा सांगा ने 100 से अधिक युद्ध लड़े सिर्फ 1527 के अंतिम खानवा के युद्ध में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। राणा सांगा ने दो युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराया था, तब फिर उसे हराने के लिए वह बाबर से क्यों मदद मांगते।
इतिहासकारों की पुस्तकों का हवाला देकर परिवाद पर संज्ञान लेने का आग्रह किया गया है। अदालत से विपक्षी को मुकदमे के विचारण के लिए अदालत में तलब करने का आग्रह भी है। इस दौरान आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष बाबू परमार, विजयपाल सिंह चौहान, अजीत सिंह सिकरवार, महाराणा प्रताप बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषिराज सिंह चौहान, ब्रजराज सिंह परमार, मनीष सिंह, देवेंद्र सिंह धाकरे, समीर भटनागर, महावीर तिवारी, रामू ठाकुर, नौशाद अहमद, कृष्णा जैसवाल आदि अधिवक्ताओं ने पैरवी की।
बीएनएस की ये धाराएं लगाने की पैरवी
356- साइबर मानहानि
197- राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालना, कथन
299- अपमान करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य
302- किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से बोलना
352- किसी व्यक्ति को जान-बूझकर अपमानित करना और उकसाना