फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: राणा सांगा पर जो कहा वह किताबों में दर्ज...सपा सांसद बोले-हमलावरों को बचा रहा मुख्यमंत्री कार्यालय

Sun, 13 Apr 2025 12:51 PM IST
अरुन पाराशर अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

रक्त स्वाभिमान रैली के दाैरान सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कहा कि उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। घर पर हमला करने के आरोपियों को थाने से छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
सपा सांसद रामजीलाल सुमन व करणी सेना का प्रदर्शन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरे घर कातिलाना हमला हुआ। परिवार को मारने की कोशिश की गई। उस दिन मुख्यमंत्री भी शहर में थे। घटना के बाद एफआईआर हुई। थाने में आरोपी थे, उन्हें छोड़ दिया गया। मैं मानता हूं कि हमलावरों को बचाने में मुख्यमंत्री कार्यालय शामिल था। यह आरोप है समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन का।
विज्ञापन


 
Trending Videos

सपा राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने शनिवार को कहा कि 26 मार्च को हुए हमले के बाद मेरी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए। जिस तरह से बुलडोजर लेकर हमलावर में घर तक पहुंचे। प्रशासनिक तंत्र फेल रहा। उन लोगों ने विरोध को जो हिंसात्मक तरीका अपनाया था। उसकी इजाजत संविधान नहीं देता। ऐसा तरीका सिर्फ जंगल राज में होता है।

ये भी पढ़ें-Karni Sena Protest: छावनी बना सांसद आवास...सपा नेताओं के उड़े रहे होश, करणी सेना के प्रदर्शन पर ये बोले सुमन
 

सपा सांसद ने कहा कि राज्यसभा में 21 मार्च को गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान जो बात मैंने कही। उसे सभापति ने सदन की कार्यवाही से निकाल दिया। उपराष्ट्रपति हमारे संरक्षक हैं। मैंने उन्हें बताया था कि मुझे धमकियां मिल रही हैं। फिर भी सुरक्षा पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसलिए मुझे हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

ये भी पढ़ें-आगरा: करणी सेना अध्यक्ष ओकेंद्र राणा की खुली धमकी, अब माफी से काम नहीं चलने वाला; हम कुछ भी कर सकते हैं

 
विज्ञापन

मैंने जो कहा वो इतिहासकार की किताब में
सुमन ने कहा कि मैं 55 वर्ष की राजनीति में हूं। कभी किसी की जाति या धर्म नहीं पूछा। सिर्फ मुद्दों की राजनीति करता हूं। चाहता हूं कि सभी जाति व धर्मों में आपसी भाईचारा व सद्भाव बना रहे। मैंने राणा सांगा को लेकर जो बात कही थी, वो इतिहासकार सतीश चंद्रा की किताब में दर्ज है। भारत सरकार ने एक टीवी सीरियल बनवाया था भारत एक खोज। उसमें भी इस बात का जिक्र था। इससे ज्यादा प्रामाणिक बात तो कोई दूसरी नहीं हो सकती।



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें