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UP Nikay Chunav: सपा ने युवा चेहरे पर खेला जाटव कार्ड, पांच घंटे में बदल दिया टिकट, जूही बनी मेयर प्रत्याशी

Sun, 16 Apr 2023 12:09 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

UP Nikay Chunav: समाजवादी पार्टी ने आगरा में मेयर पद के प्रत्याशी के रूप में युवा चेहरे पर जाटव कार्ड खेला है। शायद इसीलिए पांच घंटे में टिकट बदल दिया गया। पहले ललिता जाटव और पांच घंटे बाद ही नाम बदलकर जूही प्रकाश को मेयर प्रत्याशी घोषित किया गया। 
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आगरा से युवा नेत्री जूही प्रकाश को मेयर का प्रत्याशी बनाया गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में समाजवादी पार्टी ने पांच घंटे में मेयर का टिकट बदल दिया। शनिवार शाम पांच बजे जारी सूची में ललिता जाटव को प्रत्याशी बनाया, फिर रात 10 बजे शाहगंज निवासी युवा नेत्री जूही प्रकाश को मेयर का प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। जूही ने तीन दिन पहले नामांकनपत्र खरीदा था।

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समाजवादी पार्टी की डॉ. बीआर आंबेडकर वाहिनी की पूर्व राष्ट्रीय सचिव 31 वर्षीय जूही प्रकाश 2016 से पार्टी में सक्रिय हैं। 2017 में घास की मंडी वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ चुकी हैं। एमबीए पास जूही के माता और पिता का निधन हो चुका है। वह अपने बड़े भाई के साथ संयुक्त परिवार में रहती हैं।

डिपंल यादव की टीम में सात वर्षों से कर रहीं काम 

सपा ने शनिवार शाम पांच बजे छह नगर निगमों में मेयर प्रत्याशी घोषित किए थे। पहले सूची में अलबतिया निवासी ललिता जाटव का नाम था। प्रत्याशी घोषित होते ही बदलने की अटकलें शुरू हो गई। रात 10 बजे तक सपा जिलाध्यक्ष लखनऊ पार्टी मुख्यालय पर डेरा जमाए रहे। सपा जिलाध्यक्ष आजाद सिंह ने बताया कि ललिता का टिकट बदलकर जूही प्रकाश जाटव को पार्टी ने नया प्रत्याशी घोषित किया है। जूही प्रकाश ने बताया कि वह डिपंल यादव की टीम में पिछले सात वर्षों से काम कर रही हैं।

पार्टी ही मेरा परिवार- जूही

जूही प्रकाश जाटव का कहना है कि मेरे माता और पिता दोनों नहीं हैं। बड़े भाई सौरभ प्रकाश के साथ संयुक्त परिवार में रहती हूं। पार्टी ही मेरा परिवार है। पार्टी ने मुझ पर जो विश्वास जताया है मैं उस पर खरी उतरूंगी। आंबेडकर वाहिनी में रहते हुए लंबे समय से अनुसूचित वर्ग के हक और हकूक की लड़ाई लड़ रही हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुझे टिकट देकर एक युवा को मौका दिया है। युवा मतदाता मेरी प्राथमिकता है।

अखिलेश ने कराया था पिता का इलाज

2016 में नोटबंदी से जूही चर्चाओं में आई थीं। उन्हें पिता के इलाज के लिए बैंक की लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद उन्होंने एक ट्वीट किया था। जो वायरल हो गया। ट्वीट वायरल होने के बाद जूही के पिता का अखिलेश यादव ने इलाज कराया था। हालांकि चार साल बाद जूही के पिता की कैंसर से मृत्यु हो गई। 2013 में जूही की मां का निधन हुआ था।

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