मंझधार में प्रत्याशी, समर्थन-विरोध से कर रहे किनारा
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सपा में आए तूफान ने पार्टी प्रत्याशियों को संकट में डाल दिया है। अधिकांश प्रत्याशी न तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के समर्थन में जा पा रहे और न ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विरोध में। दरअसल, उन्हें डर है कि कल को कहीं फिर से परिवार एकजुट न हो जाए। ऐसे में किसी का विरोध कहीं, उन्हें ही भारी न पड़ जाए। अधिकांश पार्टी प्रत्याशी आज (शनिवार) लखनऊ में डेरा डाल देंगे। अब उनके सामने दिक्कत ये है कि वे पहले मुलायम-शिवपाल द्वारा बुलाई गई बैठक में जाएं या फिर अखिलेश यादव से मुलाकात करें। असमंजस में वह पार्टी प्रत्याशी भी हैं, जिनका नाम अखिलेश यादव की पहली सूची में नहीं था। वह भी एकपक्षीय निर्णय लेने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं।
एत्मादपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी प्रेम सिंह बघेल का कहना है कि वे लखनऊ में मुलायम और अखिलेश दोनों से मिलेंगे।
उत्तर से प्रत्याशी कुंदनिका शर्मा खुलकर नेताजी के साथ हैं। उनका कहना है कि वे पार्टी से जुड़ी हैं और उसके ही निर्देश का पालन करेंगी।
दक्षिण से प्रत्याशी क्षमा जैन सक्सेना पशोपेश में हैं। कहती हैं, पार्टी में जल्द ही सबकुछ ठीक हो जाएगा।
फतेहपुर सीकरी से प्रत्याशी रामनिवास शर्मा तो कुछ बोलना ही नहीं चाहते।
बाह से विधायक अरिदमन सिंह भी वर्तमान हालत पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
सरकार हो बर्खास्त: नवीन
आगरा। भाजपा के प्रदेश सहकोषाध्यक्ष नवीन जैन ने प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब मुख्यमंत्री को ही सपा ने अपनी पार्टी से बाहर निकाल दिया तो उनके पास समर्थन नहीं रहा। ऐसे में वर्तमान हालातों को देखते हुए सपा सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।